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गोंडा: मशीन से बालू निकालकर खोखले कर दिए दो गांव, सांसद बृजभूषण बोले - बालू डंपिंग से हमारा कोई नाता नहीं
Sat, 05 Aug 2023 03:24 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 05 Aug 2023 03:24 PM IST
सार
चक रसूल और कल्याणपुर में अवैध खनन से कई हेक्टेयर भूमि अंदर ही अंदर खोखली हो गई है। जिससे इन गांवों का अस्तित्व संकट में आ गया है। यहां भूस्खलन की संभावना बढ़ गई है।
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नवाबगंज में डंप बालू के ढेर की जांच करते तहसीलदार तरबगंज व अन्य।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
बालू के अवैध खनन के लिए हाईटेक मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है। नवाबगंज के कई गांवों में पाइपलाइन बिछाकर अवैध खनन का खेल होता रहा। जिससे मनकापुर-कटरा रेलवे लाइन के साथ ही चक रसूल और कल्याणपुर गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। दोनों गांवों की कई हेक्टेयर भूमि अंदर ही अंदर खोखली हो गई है। इससे दोनों गांवों में भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।
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चक रसूल व कल्याणपुर गांव में बड़े पैमाने पर हुए बालू खनन के निशान आज भी वहां गवाही दे रहे हैं। यहां साल 2017 में अवैध खनन पर ही 212 करोड़ रुपये जुर्माना लगाया गया था। खनन करके अधिक से अधिक बालू निकालने के लिए पूरे क्षेत्र में पाइपलाइन बिछा दी गई थी। इसका खुलासा 2014 में हुआ था। मौके पर जेसीबी मशीन, स्टीमर बोट, पाइप लाइन समेत कई उपकरण बरामद हुए थे। इसके बाद पता चला कि जमीन में बालू कहां पर है, इसकी जांच करके अंदर ही अंदर पाइप लाइन बिछाकर पानी की तरह बालू को खींच लिया जाता है। इससे संबंधित स्थल का ऊपरी भाग तो जस का तस रहता है लेकिन अंदर ही अंदर वह जगह खोखली हो जाती है। इस तरह बालू के अवैध खनन से चक रसूल और कल्याणपुर गांव खोखला हो गया था। प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की तो गांव के लोगों को राहत मिली।
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नवाबगंज में दो जगह बालू के टीले जब्त
अवैध खनन मामले में कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर आरोप लगने के बाद एनजीटी के आदेश पर शुरू हुई जांच अब आगे बढ़ी है। तरबगंज तहसील प्रशासन ने शुक्रवार को नवाबगंज के परसापुर में बालू भंडारण की जांच की। मौके पर मिले अवैध खनन की बालू के टीले का दावा करने कोई नहीं पहुंचा। इस पर बालू कब्जे में लेकर नवाबगंज थाने की पुलिस को 24 घंटे कड़ी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी।
प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार राय ने बताया कि बालू भंडारण के दोनों स्थलों पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। नवाबगंज में तय सीमा से अधिक बालू भंडारण मिलने से अवैध खनन के संकेत भी मिले हैं। नवाबगंज के साथ ही परसापुर में बड़े पैमाने पर बालू भंडारण मिलने से प्रशासन भी सकते में है। इससे तय है कि बड़े पैमाने पर खनन हुआ है। दत्तनगर में खनन स्थल की भी जांच हुई है। अब तक की जांच में अवैध खनन होने के संकेत मिल रहे हैं। जिलाधिकारी नेहा शर्मा का कहना है कि एनजीटी के निर्देश पर अवैध खनन मामले की जांच शुरू करा दी गई है।
बृजभूषण पर आरोप लगाने वाले राजाराम गुमनाम
एनजीटी में पत्र याचिका दायर करने वाले राजाराम सिंह रहस्य बने हुए हैं। उनका कोई पता नहीं चल रहा है। इससे सांसद खेमे में खलबली मची है। पत्र में राजाराम सिंह निवासी गुप्तारघाट अयोध्या लिखा हुआ है ।
डंपिंग बालू से हमारा कोई नाता नहीं
भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह का कहना है कि डंप मिले बालू के ढेर से हमारा दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। बालू के तमाम कारोबारी हैं। ये लोग लाइसेंस लेकर अपनी जमीन में भंडारण करते हैं। सारे आरोप सरासर निराधार हैं, बेबुनियाद हैं।