यूपी की 10 हजार अवैध कॉलोनियों को रोशन करेगी योगी सरकार
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यूपी की 10 हजार अवैध कॉलोनियों में बांस-बल्लियों के सहारे बिजली जला रहे लोगों के लिए खुशखबरी है। सरकार ने इन्हें रोशन करने की तैयारी की है। इन कॉलोनियों में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन और 440 वोल्ट की एलटी लाइन खींच कर ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे।
यह पूरा कार्य सरकारी खर्चे पर होगा लेकिन अवैध कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन पाने के लिए आवेदकों को 35 रुपये वर्ग फुट के रेट से भूखंड के क्षेत्रफल का इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क चुकाना पड़ेगा। कनेक्शन के एस्टीमेट का पेमेंट अलग से करना होगा। इस योजना का प्रस्ताव बन गया है जिसे जल्द ही कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा।
सरकार ने ‘पावर फॉर आल’ योजना के तहत 24 घंटे बिजली सप्लाई के इरादे से प्रदेश भर की अवैध कॉलोनियों में वैध बिजली कनेक्शन देने की तैयारी की है। इस आशय का प्रस्ताव उप्र पावर कॉर्पोरेशन ने बनाया है। लेसा (लखनऊ इलेक्ट्रिक सप्लाई अथॉरिटी) ने इस पर होम वर्क कर लिया है।
लखनऊ में 600 से अधिक ऐसी अवैध कॉलोनियां हैं जिनमें बांस-बल्लियों के सहारे 500 मीटर दूर तक करंट दौड़ रहा है। अन्य जिलों में भी 50 से लेकर 100 अवैध कॉलोनियां हैं।
डिस्काम बनाएंगे बिजली नेटवर्क
पावर कॉर्पोरेशन के प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद अवैध कॉलोनियों में विद्युत वितरण निगमों (डिस्काम) को बिजली नेटवर्क बनाना होगा।
इसके लिए पूर्वांचल (वाराणसी), मध्यांचल (लखनऊ), पश्चिमांचल (मेरठ) व दक्षिणांचल (आगरा) विद्युत वितरण निगम एवं केस्को (कानपुर इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी) के प्रबंध निदेशकों को रकम का इंतजाम करना होगा।
आवेदक किस्त के रूप में चुका सकेंगे शुल्क
पावर कॉर्पोरेशन इस योजना से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने के लिए एकमुश्त समाधान योजना लाएगा।
आवेदकों को भूखंड के इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में जो शुल्क चुकाना होगा उसे किस्त के रूप में देने की सुविधा प्रदान की जाएगी। एक हजार वर्ग फुट के भूखंड पर बने मकान पर कनेक्शन लेने के लिए 35 हजार रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर शुल्क के रूप में भरने होंगे।
पावर कॉर्पोरेशन को हो रहा नुकसान
कई प्रॉपर्टी डीलरों ने विकास प्राधिकरण एवं आवास विकास परिषद की वैध कॉलोनियों के बिल्कुल करीब प्लाटिंग करके अवैध कॉलोनियां विकसित की और भाग गए। इन कॉलोनियों में बिजली नेटवर्क का कोई इंतजाम नहीं है।
जिन लोगों ने मकान बनाए उन्होंने इलाकाई इंजीनियर से साठगांठ करके बांस-बल्ली पर केबल खींच लिया और फ्री में बिजली जला रहे हैं। इससे पावर कॉर्पोरेशन को राजस्व का नुकसान हो रहा है।
इस पर मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लखनऊ के प्रबंध निदेशक अरविंद राजवेदी का कहना है कि‘पावर फॉर ऑल’ के तहत सबको 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने के लिए अवैध कॉलोनियों को वैध कनेक्शन देने का प्रस्ताव तैयार हुआ है।
इस पर कैबिनेट की मुहर लगने वाली है। लेकिन कनेक्शन पाने के लिए आवेदकों को भूखंड के क्षेत्रफल पर 35 रुपये वर्ग फुट के हिसाब से शुल्क चुकाना होगा।