सावधानः 300 एकड़ जमीन में बस रहा है अवैध शहर!
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गोमती नगर विस्तार और आसपास के इलाकों में यदि बाजार भाव से 30 फीसदी कम दाम पर प्लॉट मिलने लगे हों तो सावधान। इन इलाकों में बड़ी-बड़ी हाउसिंग सोसाइटी के नाम पर अवैध कॉलोनियां डवलप हो रही हैं। एलडीए ने अवैध निर्माण की सूची में इन कॉलोनियों को शामिल तो कर लिया है, लेकिन खरीद-फरोख्त और निर्माण जारी है।
हाईकोर्ट को सौंपी गई सूची में छह ऐसी अवैध कॉलोनियों का जिक्र है। इनमें खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की कंपनी द्वारा विकसित की गई कॉलोनी भी शामिल है। ऐसे ही कई रसूखदारों के नाम का झांसा देकर लोगों को सस्ते प्लॉट के चक्कर में फंसाया जा रहा है।
इसके अलावा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, सेना, ग्राम समाज और प्राकृतिक संसाधनों की भूमि का जम कर दुरुपयोग किया जा रहा है। यहां करीब 10 हजार प्लॉट काटे गए हैं, जिन पर बिना मानचित्र पास कराए निर्माण किया जा रहा है। गोमती नगर विस्तार और उसके आसपास के मस्तेमऊ, मल्हौर, भरवारा, भैसोरा, हरिहरपुर, सिकंदरपुर खुद लौलाई, भुजंगी पुरवा और अन्य गांवों की लगभग 300 एकड़ भूमि पर ऐसी कॉलोनियां विकसित की गई हैं।
जहां मिली जमीन, वहीं कब्जा
विस्तार में वर्ष-2007-8 में करीब 525 हेक्टेयर भूमि का लैंडयूज एसटीपी में दर्ज किया गया था। भरवारा और भैसोरा के अलावा कुछ अन्य गांवों की भूमि इसमें शामिल की गई। मास्टर प्लान-2021 में भी यही रिकॉर्ड है। यह लैंडयूज भरवारा में प्रस्तावित एसटीपी के लिए बदला गया था। केवल 125 हेक्टयेर का इस्तेमाल ही प्लांट के लिए किया गया, जबकि बाकी जमीन नहीं ली गई।
एलडीए ने इस भूमि का अर्जन तो नहीं किया मगर इसका लैंडयूज अब तक एसटीपी ही है। इस लैंडयूज को बदलने की कोशिश की गई, मगर इस भूमि का प्रकरण अदालत में लंबित हो गया और यथास्थिति कायम रखने का आदेश हो गया।
यहां बाकायदा एक सहकारी आवासीय समिति की प्लाटिंग शुरू कर दी है। भैसोरा गांव में करीब 40 एकड़ भूमि पर यह टाउनशिप विकसित की जा रही है। बताया जा रहा है कि, इस गांव के अलावा बाकी सभी गांवों में मिला कर करीब 10000 प्लॉट काटे जा चुके हैं। शहर से लगती न्यू एमिटी कैंपस के पास भी भुजंगी पुरवा में सौरभ सिंह की अवैध कॉलोनी है।
आसपास आईटी सिटी, क्रिकेट स्टेडियम आदि का भ्रमजाल फैला कर भू-माफिया लोगों को फंसा रहा है। अवैध प्लॉटिंग के खेल में मंत्री के साथ पूरा एलडीए और जिला प्रशासन भी शामिल है। यहां की कई अवैध प्लॉटिंग में उनकी हिस्सेदारी है।