यूं सिमट जाएगा ये लखनऊ का ये रास्ता
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अगले डेढ़ साल में आईआईएम रोड से गोमतीनगर तक की डगर आसान होगी। यह संभव होगा घैला में निर्माणाधीन बांध पर सड़क बनने के बाद।
यह सड़क गऊघाट से जोड़ी जाएगी, जहां से दौलतगंज, कुड़ियाघाट, पक्का पुल, डालीगंज, हनुमान सेतु बांध रोड और भैंसाकुंड रोड से सीधे जुड़ जाएगा।
जिस दूरी को तय करने में 24 किमी चलना पड़ता था, वह दूरी घट कर 12 किमी रह जाएगी। हाल ही में मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव ने गोमती के किनारे-किनारे बांध पर सड़क बनाने का का निर्देश दिया था, ताकि आईआईएम रोड से गोमतीनगर की दूरी घट सके।
आदेश में गोमती के किनारे-किनारे बांध पर सड़क बनाने के अलावा जरूरत के अनुसार पुलों का निर्माण कराने को भी कहा गया था।
मुख्य सचिव के इसी आदेश के बाद आईआईएम रोड पर गोमती बांध पर सड़क बनाने के काम में तेजी आई है। यह सड़क सिंचाई विभाग बनवा रहा है।
साथ ही टीले वाली मस्जिद के पीछे भी सिंचाई विभाग ने सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया है।
डेढ़ माह में पूरा हो जाएगा हुसड़िया ओवरब्रिज
नया साल गोमती नगर विस्तार के लोगों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आएगा। यह एरिया मुख्य मार्ग से जुड़ जाएगा।
इस कॉलोनी के विकसित होने के चार साल बाद अब सहारा अस्पताल के पास बनाया जा रहा रेलवे ओवरब्रिज लगभग पूरा हो चुका है।
यह आरओबी हुसड़िया चौराहे के पास से सीधे गोमती नगर विस्तार सेक्टर-एक में उतरेगा। फिलहाल विस्तार तक आने के लिए यहां के बाशिंदे जनेश्वर मिश्र पार्क के आगे उजरियांव गांव में एक पगडंडी से होकर आते हैं।
इस कॉलोनी में करीब 7000 फ्लैटों का निर्माण किया जा चुका है। इसके अलावा 1100 प्लॉट भी प्राधिकरण ने अलॉट किए हैं। इनमें तेजी से लोगों ने रहना शुरू कर दिया है।
फिलहाल गोमती नगर विस्तार में ग्रामीण और शहरी आबादी मिला कर लगभग 20 हजार की आबादी भी रह रही है।
सभी तरह के विकास के बावजूद यहां मुख्य मार्ग अब तक नहीं है।
ऐसे में गोमती नगर विस्तार से मुख्य शहर में आने के लिए गांव के बीच का केवल एक पतला रास्ता है।
इस वजह से यहां आने जाने वाले बड़े वाहनों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस सड़क का भी हाल बुरा है। जिससे परेशानियां और भी बढ़ जाती हैं।
इस ब्रिज का निर्माण काफी समय से रुका हुआ था। लोगों के विरोध के बाद काम शुरु हुआ।