ऑटो चालक को अगवाकर भागने वाली दबंग महिला दरोगा निलंबित
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ऑटो चालक से अवैध वसूली करवाने व प्रताड़ित करने वाली उन्नाव अस्पताल चौकी इंचार्ज इंदु यादव को आईजी जोन लखनऊ ने निलंबित कर दिया है।
गुरुवार को दरोगा इंदुयादव ने आत्मदाह करने पहुंचे ऑटोचालक को अगवा कर भागने की कोशिश की थी साथ ही विधानसभा पर एक हिस्ट्रीशीटर के साथ सफारी से एक पत्रकार को कुचलने की कोशिश भी की थी।
बता दें कि लखनऊ विधानभवन के सामने बृहस्पतिवार दोपहर आत्मदाह करने आए उन्नाव निवासी ऑटो चालक सुनील मिश्रा को लेकर एक घंटे तक ड्रामा चला।
सुनील मिश्रा उन्नाव के हिस्ट्रीशीटर तौफीक अहमद और महिला दरोगा इंदु यादव पर वसूली और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए आत्मदाह करने आया था। दोनों आरोपी भी मौके पर पहुंच गए और सुनील को जबरन कार में बैठाकर भागने लगे।
फोटोग्राफरों ने पीछा किया तो एक पर कार चढ़ा दी। उसके पैर में चोट आई है। इसके बाद पुलिस और मीडियाकर्मियों ने पीछा कर बापू भवन के पास कार पकड़ ली। मौके की नजाकत देख महिला दरोगा खिसक गईं जबकि हिस्ट्रीशीटर को पकड़कर एएसपी पूर्वी शिवराम यादव के सामने पेश किया गया।
महिला दरोगा भी यहां आ गईं और काफी देर तक नाटक चलता रहा। बाद में पत्रकार अभिषेक मिश्रा की तरफ से हिस्ट्रीशीटर के खिलाफ हत्या के प्रयास की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के लिए हजरतगंज पुलिस ने एसपी उन्नाव को रिपोर्ट भेजी है।
पैसे न देने पर हिस्ट्रीशीटर करता था मारपीट
हजरतगंज इंस्पेक्टर विजयमल यादव ने बताया कि उन्नाव के आदर्शनगर का रहने वाला सुनील कुमार मिश्रा विधानसभा भवन के सामने आत्मदाह करने आया था तभी हजरतगंज कोतवाली के सिपाही नटवर ने उसे दबोच लिया।
सिपाही उसे लेकर दारुलशफा चौकी की तरफ जा रहा था तभी हिस्ट्रीशीटर के साथ काले रंग की सफारी कार से दरोगा इंदु यादव पहुंच गई। उनके साथ सादे कपड़ों में दो लोग और थे।
तीनों ने मिलकर सिपाही से धक्का-मुक्की कर उसे छुड़ा लिया और जबरन कार में लादकर भागने लगे। पकड़े जाने पर सुनील ने हिस्ट्रीशीटर को देखकर शोर मचा दिया। उसने कहा कि इसी ने जीना हराम कर रखा है। इसकी वसूली और प्रताड़ना के चलते ही उसे आत्मदाह करने को मजबूर होना पड़ा। सुनील ने बताया कि वह उन्नाव-कानपुर ऑटो स्टैंड से वाहन चलाता है।
यह स्टैंड अवैध है और हिस्ट्रीशीटर तौफीक इसका संचालन करता है। तौफीक सभी ऑटो चालकों से वसूली करता है। उससे भी रुपये मांगे गए तो इन्कार कर दिया। इसपर तौफीक ने उससे मारपीट की।
अफसरों के सवाल पर चुप्पी साध गई दरोगा
शिकायत लेकर जिला अस्पताल चौकी इंचार्ज इंदु यादव के पास पहुंचा तो वह उल्टा उसे ही फर्जी मामले में जेल भेजने की धमकाने लगीं। हिस्ट्रीशीटर तौफीक कार खुद चला रहा था। विधानसभा भवन से वह बापू भवन चौराहा की तरफ भागा तभी लालबत्ती हो गई और आगे चल रहे वाहन रुक गए।
हिस्ट्रीशीटर ने प्रतिभा सिनेमाहाल की तरफ कार मोड़ने की कोशिश की लेकिन वहां भी रास्ता नहीं मिला। मजबूरन उसे कार रोकनी पड़ी। इसी दौरान पीछे से आई पुलिस और मीडियाकर्मियों ने कार घेर ली।
सूचना पाकर इंस्पेक्टर हजरतगंज विजयल यादव, एसआई उदय प्रताप सिंह सहित भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और तौफीक को हिरासत में ले लिया।
तौफीक को एएसपी पूर्वी शिवराम यादव के सामने पेश किया गया। पीछे से इंदु भी यहां आ गईं। एएसपी पूर्वी ने सुनील को जबरन ले जाने के बारे में पूछा तो उन्होंने चुप्पी साध ली। हिस्ट्रीशीटर को भी पहचानने से ही इन्कार कर दिया।
इंदु ने कहा कि कार कोई और चला रहा था। ड्राइविंग सीट पर हिस्ट्रीशीटर कैसे आ गया? इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। इंदु की इस बात पर पुलिसकर्मियों ने एएसपी पूर्वी को पूरा मामला बताया। इसके बाद एएसपी पूर्वी ने उन्नाव की एसपी नेहा पांडेय को फोन कर इंदु की करतूत के बारे में जानकारी दी। एएसपी ने इंदु के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। जिस पर शुक्रवार को एक्शन हुआ और इंदु यादव को निलंबित कर दिया गया।