अगर हिंसा फैले तो बंद कर देनी चाहिए जुमे की नमाज : नरेंद्रानंद सरस्वती
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काशी सुमेरुमठ पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि जो राष्ट्र की संपत्ति को नष्ट करे, हम सबको उन्हीं की भाषा में जवाब देना चाहिए ना कि उनका दामाद जैसा पोषण करना चाहिए।
उन्होंने ये विचार बछरावां के पलालेश्वर महादेव मंदिर थुलेंडी में चल रहे श्री शतचंडी महायज्ञ के दौरान व्यक्त किए।
शंकराचार्य ने कहा कि राम मंदिर निर्माण में किसी तरह का विलंब नहीं होना चाहिए ना ही किसी तरह की कोई राजनीति। वर्तमान सरकार को चाहिए कि जनसंख्या नियंत्रण बिल पर भी कार्य करें।
उन्होंने ये भी कहा कि अगर जुमे की नमाज के बाद हिंसा फैलती है और पुलिस व आम आदमी असुरक्षित हो जाते हैं तो ऐसे में जुमे की नमाज को बंद कर देना चाहिए।
समाज के लिए औषधि का काम करता है यज्ञ
उन्होंने कहा कि देश में जो अराजकता का वातावरण बन रहा है और ऐसे में यज्ञ-हवन जरूरी हैं। यज्ञ विश्व ब्रह्मांड की नाभि है। यज्ञ विखंडित, विभाजित, असंगठित समाज को एक सूत्र में जोड़ने का आधार है। समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त कर समतामूलक, राष्ट्र निर्माण में यज्ञ की अहम भूमिका है। यज्ञ औषधि का का काम करता है।
शंकराचार्य के आगमन पर विभिन्न स्थानों पर स्वागत किया गया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष अवधेश सिंह ने कुंदनगंज तथा क्षेत्रीय विधायक रामनरेश रावत ने बछरावां में स्वागत किया। इस अवसर पर दिनेश त्रिवेदी, प्रशांत मोहन, सच्चिदानंद शुक्ला, राजू पाठक, पिंटू शुक्ला, संजय शुक्ला, प्रेम शुक्ला, श्रीकांत यादव, दिनेश त्रिवेदी, राजन, सत्येंद्र शुक्ला आदि मौजूद रहे।