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घर पर नहीं पहुंचा डीएल तो अपने जिले के एआरटीओ, आरटीओ से ले सकेंगे
Wed, 02 Oct 2019 10:04 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 02 Oct 2019 10:04 AM IST
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फाइल फोटो
जिन आवेदकों के ड्राइविंग लाइसेंस किन्हीं कारणों से उनके दिए पते से लौट गए हैं, उन्हें इसके लिए अब लखनऊ स्थित परिवहन मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आवेदक अब अपने जिले के संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) से ही डीएल ले सकेंगे।
ये सुविधा करीब पंद्रह दिन में शुरू होगी। यह घोषणा परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने की। परिवहन मंत्री ने कहा, मेरे भी संज्ञान में है कि टेढ़ी कोठी स्थित मुख्यालय से जिलों को भेजे जाने वाले डीएल शत-प्रतिशत आवेदकों को नहीं मिल रहे हैं।
अब जो डीएल परिवहन मुख्यालय लौट आएंगे, उन्हें संबंधित जिले के आरटीओ एवं एआरटीओ को भेजा जाएगा। आवेदक उनसे संपर्क करके डीएल ले सकेंगे। परिवहन विभाग और एजेंसी के बीच हुए अनुबंध में जो चूक (दोबारा डीएल भेजने की कौन भरेगा फीस) हुई, उसकी जांच कराई जाएगी।
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ये सुविधा करीब पंद्रह दिन में शुरू होगी। यह घोषणा परिवहन मंत्री अशोक कटारिया ने की। परिवहन मंत्री ने कहा, मेरे भी संज्ञान में है कि टेढ़ी कोठी स्थित मुख्यालय से जिलों को भेजे जाने वाले डीएल शत-प्रतिशत आवेदकों को नहीं मिल रहे हैं।
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अब जो डीएल परिवहन मुख्यालय लौट आएंगे, उन्हें संबंधित जिले के आरटीओ एवं एआरटीओ को भेजा जाएगा। आवेदक उनसे संपर्क करके डीएल ले सकेंगे। परिवहन विभाग और एजेंसी के बीच हुए अनुबंध में जो चूक (दोबारा डीएल भेजने की कौन भरेगा फीस) हुई, उसकी जांच कराई जाएगी।
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30 हजार से अधिक डीएल वापस आए
प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने माना कि गलत पते व गलत मोबाइल नंबर और मकान बंद होने के कारण 30 हजार से अधिक डीएल परिवहन मुख्यालय लौट आए हैं। उन्होंने कहा, संशोधित मोटर अधिनियम लागू होने के बाद डीएल बनवाने, वाहन फिटनेस और आरसी का नवीनीकरण कराने के आवेदक बढ़े हैं। ऐसे में एनआईसी को सर्वर की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही आवेदक पोर्टल पर डीएल बनाने से लेकर इसे भेजने तक की प्रक्रिया (स्टेटस) देख सकेंगे।