फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   If someone is tease you, just give him solid answer

कोई घूरे या छेड़े तो मुंहतोड़ जवाब दें, हम आपके साथ : एडीजी यूपी रेणुका मिश्रा

Tue, 20 Oct 2020 02:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 20 Oct 2020 02:00 AM IST
विज्ञापन
If someone is tease you, just give him solid answer
कोई घूरे या छेड़े तो मुंहतोड़ जवाब दें, हम आपके साथ : एडीजी यूपी रेणुका मिश्रा
विज्ञापन

मिशन शक्ति की शुरुआत हो चुकी है। अब वक्त है हम सब अपनी जिम्मेदारी को समझें और उन्हें निभाएं। अपराध को नजरअंदाज करके आगे बढ़ जाने, जाने दो...क्या फर्क पड़ता है... जैसा सोचने की आदतें छोड़ें।
राजधानी की, लखनऊ की हर बेटी से मेरा यह कहना है कि कोई जब पहली बार आपको घूरे, छेड़े तो उसका तुरंत विरोध करें, मुंहतोड़ जवाब दें। आप पुलिस को हर कदम पर साथ पाएंगी।
विज्ञापन

महिला अपराध के खिलाफ सख्त से सख्त और त्वरित एक्शन का यह भरोसा एडीजी यूपी और लखनऊ में मिशन शक्ति अभियान की नोडल अधिकारी रेणुका मिश्रा ने दिलया।
सोमवार को मिशन शक्ति अभियान के तहत लखनऊ पुलिस व अमर उजाला की ओर से आयोजित वेबिनार में उन्होंने ये बातें कहीं।
अपराध को सामाजिक कहकर गंभीरता कम न करें
एडीजी ने कहा, यदि किसी अपराध को सामाजिक बताकर हम समाज के दायित्व की याद दिलाते हैं, ठोस कदम उठाने का साहस करते हैं तो सही है। हालांकि, हो इससे उलट रहा है, क्योंकि अपराध को सामाजिक का जामा पहनाकर उसकी गंभीरता कम कर दी जाती है। यही वजह है कि आज छेड़खानी हो, घूरना हो या फिर कोई अपराध, लोगों ने इसे सामान्य मान लिया है। बचकर निकल जाना, कुछ न कहना, बेटियों को रास्ता बदल देने के लिए कह देना जैसी सलाह अपराध को सामान्य प्रक्रिया मानने की वजह से है। हमें इसी सोच को बदलना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिकायत लेकर आने वाली पीड़िता के प्रति रवैया गलत
एडीजी ने कहा कि पुलिस भी इसी समाज का हिस्सा है। जाने दो या शिकायत लेकर आने वाली पीड़िता की बातें अनसुना कर देना, हल्के में लेना या उसे ही अविश्वास की नजर से देखना जैसे रवैये की शिकायतें मिलती हैं। वर्दी पहनने वाले हर व्यक्ति को कानून की नजरिये से देखना है अपराध को, पीड़िता के प्रति रवैया सुधारना होगा।

बेटियां क्यों डरकर जिएं, घटनाओं का कारण उनके कपड़े नहीं
एडीजी ने कहा कि जितना जरूरी है बेटियों में आत्मविश्वास लाना, उतना जरूरी है बेटों को यह शिक्षित करना कि वे ऐसा करेंगे तो यह अपराध है। कभी सेल्फ डिफेंस तो कभी आत्मविश्वास के नाम पर लड़कियों को डराना नहीं चाहिए, बल्कि हम यह क्यों नहीं सोचते कि बेटियों को डर-डरकर क्यों जीना पड़े, बेटे क्यों नहीं डरें। मेरा हर बेटी से यह कहना है कि अपराध का कारण उनके कपड़े नहीं हैं। हमें बेटों की सोच बदलनी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed