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UP: बिना छुट्टी लिए गायब रहने पर आईएएस अभिषेक सिंह निलंबित, कारण बताओ नोटिस का भी नहीं दिया था जवाब
Tue, 07 Feb 2023 11:58 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 07 Feb 2023 11:58 PM IST
सार
अभिषेक सिंह वह गुजरात चुनाव में बतौर प्रेक्षक भेजे गए थे। वहां कार के साथ सोशल मीडिया पर तस्वीर वायरल करने पर उन्हें प्रेक्षक के पद से हटा दिया गया था, लेकिन उसके बाद अभिषेक सिंह ने यूपी में अपना पदभार ग्रहण नहीं किया।
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अभिषेक सिंह
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
प्रदेश सरकार ने बिना बताए लंबे समय गायब रहने पर आईएएस अभिषेक सिंह को निलंबित कर दिया है। वह 2011 बैच के यूपी कैडर के आईएएस हैं और वर्तमान में प्रतीक्षारत थे। गुजरात चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड करने के कारण प्रेक्षक के पद से हटाए जाने पर वह काफी चर्चा में रहे थे। उन्हें दंडित करने के लिए उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही के आदेश भी दिए गए हैं। शीघ्र ही इस संबंध में अलग से आरोपपत्र जारी किया जाएगा।
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अभिषेक सिंह को वर्ष 2015 में तीन साल के लिए दिल्ली सरकार में प्रतिनियुक्ति दी गई थी। वर्ष 2018 में प्रतिनियुक्ति की अवधि दो वर्ष के लिए बढ़ाई गई, लेकिन उस दौरान वह मेडिकल लीव पर चले गए। इसलिए दिल्ली सरकार ने उन्हें 19 मार्च 2020 को मूल संवर्ग यूपी वापस भेज दिया। इसके बाद उन्होंने यूपी में लंबे समय तक ज्वाइनिंग नहीं दी। 10 अक्तूबर 2022 को नियुक्ति विभाग ने उनका पक्ष मांगा तो इतनी लंबी अवधि तक अनुपस्थित रहने का कोई उत्तर भी नहीं दिया। हालांकि, 30 जून 2022 को उन्होंने यूपी में ज्वाइनिंग दी।
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इसके बाद प्रदेश सरकार ने गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग को भेजी गई प्रेक्षकों की सूची में उनका नाम शामिल किया गया। उन्होंने प्रेक्षक ड्यूटी का कार्यभार भी ग्रहण किया, लेकिन वहां कार के आगे फोटो खिंचवाने और सोशल मीडिया पर डालने की वजह से चर्चा में आ गए। निर्वाचन आयोग ने उचित आचरण न किए जाने पर 18 नवंबर 2022 को उन्हें प्रेक्षक ड्यूटी से हटा दिया। प्रेक्षक ड्यूटी से अवमुक्त होने के बाद अभी तक उन्होंने नियुक्ति विभाग में अपनी योगदान आख्या नहीं दी।
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सरकार ने उनके इस कृत्य को अखिल भारतीय सेवाएं (आचरण) नियमावली-1968 के नियम-3 का उल्लंघन मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर राजस्व परिषद से संबंध कर दिया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि संबद्धता की अवधि में बिना लिखित अनुमति प्राप्त किए मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। इससे पहले अभिषेक सिंह वर्ष 2014 में एक दलित शिक्षक से अमर्यादित व्यवहार के आरोप में निलंबित किए गए थे। करीब डेढ़ माह निलंबित थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंजूरी मिलने के बाद अपर मुख्य सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक देवेश चतुर्वेदी ने अभिषेक के निलंबन का आदेश जारी कर दिया है।