{"_id":"5a5b9d684f1c1b8b268b463a","slug":"how-is-it-crime-to-raise-voice-for-farmers-and-poors-asks-akhilesh-yadav","type":"story","status":"publish","title_hn":"अखिलेश का सवाल, किसानों व गरीबों के पक्ष में आवाज उठाना अपराध कैसे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अखिलेश का सवाल, किसानों व गरीबों के पक्ष में आवाज उठाना अपराध कैसे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sun, 14 Jan 2018 11:41 PM IST
विज्ञापन
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आलू की बदहाली पर चिंता जताते हुए कहा कि किसानों व गरीबों की आवाज उठाने वाले अपराधी कैसे हो सकते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने आलू किसानों को अपराधी बताने और पुलिस द्वारा उन्हें नकाब लगाकर पेश करने की कड़ी निंदा की। रविवार को अखिलेश से मिलने सपा मुख्यालय में बड़ी संख्या में किसान और पार्टी कार्यकर्ता आए।
विज्ञापन
उन्होंने आलू की फसल की बर्बादी, किसानों के प्रति भाजपा सरकार की उपेक्षापूर्ण नीति और पुलिस द्वारा आलू किसानों व उनके पक्ष में बोलने वालों को अपराधी बनाए जाने की शिकायत की। इस मौके पर अखिलेश ने आलू किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के सीएम के वादे की याद भी दिलाई।
विज्ञापन
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा तो वर्ष-2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का दावा कर रही है, लेकिन आज तक यह नहीं पता चला कि ये दावा हकीकत कैसे बनेगा। हालत तो यह है कि किसानों को कृषि उत्पादन लागत से 50 प्रतिशत से ज्यादा लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है।