दफ्तरों का चक्कर खत्म मोबाइल पर जमा करें हाउस टैक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब गृहकरदाता को हाउस टैक्स जमा कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अगले माह से आनलाइन हाउस टैक्स जमा कराने की सुविधा शुरू होने जा रही है। इसके शुरू होते ही भवन स्वामी किसी भी जोन में जाकर अपना गृहकर जमा कर सकता है।
इतना ही नहीं मोबाइल पर एसएमएस के जरिये आपको हाउस टैक्स बिल की जानकारी भी मिलेगी। जो भवन स्वामी मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं वे मोबाइल के जरिये भी अपना टैक्स जमा कर सकेंगे। इसके लिए एनआईसी ने नगर निगम का सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है। लागू करने से पहले इसकी सिक्योरिटी ऑडिट की जा रही है।
दस दिन में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद सॉफ्टवेयर को शुरू कर दिया जाएगा। इस सॉफ्टवेयर के शुरू होने के बाद शहर के करीब सवा पांच लाख गृहकर दाताओं को कई वर्षों के इंतजार के बाद यह सुविधा मिल जाएगी।
इस तरह जमा होगा टैक्स
गृहकर जमा करने के लिए भवन स्वामियों को अभी उसी जोनल कार्यालय में जाना पड़ता है जिस जोन में उनका घर आता है।
यदि कोई भवन स्वामी किसी और जोन में अपनी सुविधा के लिहाज से हाउस टैक्स जमा करना चाहे तो वह नहीं कर सकता।
नगर निगम के जोनल कार्यालय अब तक आपस में लिंक नहीं हैं इस कारण दूसरे जोन का टैक्स जमा नहीं हो पाता। अब नए सॉफ्टेवयर के तैयार हो जाने के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी और भवन स्वामी किसी भी जोन में जाकर अपना गृहकर जमा कर सकेंगे।
बकाया गृहकर की जानकारी भी मोबाइल पर दी जाएगी
नगर निगम के कर अधीक्षक राजेश सिंह बताते हैं कि नए सॉफ्टवेयर के शुरू होते ही भवन स्वामी किसी भी जोन में गृहकर जमा करने की सुविधा तो मिलेगी ही साथ ही वह आनलाइन भी घर बैठे और अपने मोबाइल से भी गृहकर जमा कर सकेंगे।
सॉफ्टवेयर के जरिये भवन स्वामी को बकाया गृहकर की जानकारी भी मोबाइल पर मैसेज के जरिये दी जाएगी। जब टैक्स जमा हो जाएगा तो गृहकर दाता को धन्यवाद का भी मैसेज जाएगा। इसके लिए हर गृहकर दाता का मोबाइल नंबर फीड किया जाएगा।
सिस्टम को इस तरह डिजाइन किया गया कि जिस गृहकर निर्धारण में मोबाइल नंबर नहीं होगा तो सॉफ्टवेयर उसको फीड ही नहीं करेगा। पुराने गृहकर दाताओं में जिनके नंबर फाइलों में हैं उनको दर्ज कर लिया जाएगा। नया गृहकर निर्धारण बिना मोबाइल नंबर के दर्ज ही नहीं किया जाएगा।
उप नगर आयुक्त अशोक सिंह का कहना है कि मई से नए सॉफ्टेवयर को शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद भवन स्वामी कहीं से भी हाउस टैक्स जमा कर सकते हैं। एनआईसी ने सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है। सिक्योरिटी ऑडिट के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। सिक्योरिटी ऑडिट का काम एक सप्ताह में पूरा हो जाने की बात एनआईसी ने कही है।