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Ayodhya: अयोध्या के होटलों पर देश के बड़े समूहों की नजर, नौ लाख से लेकर दो करोड़ तक में कर रहे करार
Tue, 05 Dec 2023 03:03 PM IST
ishwar ashish
आदर्श शुक्ल, अमर उजाला, अयोध्या
आदर्श शुक्ल, अमर उजाला, अयोध्या
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 05 Dec 2023 03:03 PM IST
सार
बड़े होटल समूह मासिक और वार्षिक किराया देकर अयोध्या के स्थानीय होटलों को लीज पर ले रहे हैं। लीज पर देने के बाद इनका संचालन बड़े होटल के मानकों पर होगा।
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अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राम मंदिर का लोकार्पण होने से पहले अयोध्या के होटलों पर देश के बड़े समूहों की नजर है। मासिक और वार्षिक किराया देकर लीज पर इनका संचालन अपने हाथों में लेने की प्रक्रिया शुरू भी हो गई है। ऐसा होने के बाद हिल स्टेशन और बड़े महानगरों की तरह उच्चस्तरीय सुविधाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यह अलग बात है कि इसके लिए यहां ठहरने वाले अतिथियों को पहले की अपेक्षा अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है।
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आने वाले समय में अयोध्या में बड़ी संख्या में देश-विदेश के पर्यटकों का आगमन होना तय है। इसी को ध्यान में रखते हुए यहां पर कई नए होटलों की स्थापना के लिए इन्वेस्टर्स समिट में एमओयू भी हो चुके हैं। कुछ होटल निर्माणाधीन हैं। कई के लिए भूमि की तलाश की जा रही है। इस बीच कुछ बड़े समूहों ने एक नया रास्ता तलाश लिया है। होटल निर्माण की लंबी और जटिल प्रक्रिया से बचने के लिए वो यहां पर पहले से संचालित होटलों को लीज पर ले रहे हैं।
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हाल ही में दिल्ली, गुड़गांव, वाराणसी और लखनऊ के कुछ होटल समूहों ने यहां के होटलों को लीज पर लेकर उनका संचालन अपने मानकों के अनुरूप करना शुरू भी कर दिया है। इसके एवज में वह स्थानीय मालिकों को नौ लाख रुपये महीने से लेकर दो करोड़ रुपये वार्षिक तक देने का करार कर चुके हैं। इनमें क्लार्क, कामाय, सीजनेट और आर्यन जैसे समूहों का नाम सामने आया है। अपना होटल लीज पर देने के बाद स्थानीय मालिक की कोई भूमिका नहीं रह जाएगी। सब कुछ उस समूह के हाथ में रहेगा जो इन्हें लीज पर लेगा।
प्रोफेशनल, बहुभाषी और प्रशिक्षित स्टाफ रखेंगे
कोहिनूर पैलेस होटल के संचालन का जिम्मा कामाय समूह को देने वाले विनय पटेल ने बताया कि आने वाले समय में यहां पर होटल इंडस्ट्री के बीच प्रतिस्पर्धा बहुत बढ़ जाएगी। ऐसे में स्थानीय होटल संचालक टिक नहीं पाएंगे। इसीलिए लीज पर देना ही बेहतर है। बड़े समूह अब यहां पर प्रोफेशनल, बहुभाषी और प्रशिक्षित स्टाफ रखेंगे। सुविधाओं के स्तर को भी उच्चीकृत किया जाएगा। यह सब खुद कर पाना यहां के होटल व्यवसाइयों के लिए आसान नहीं है। इसीलिए अपना होटल लीज पर देने वालों की संख्या बढ़ रही है।