महिला का शव कैसे बन गया पुरुष का, पढ़कर चौंक जाएंगे!
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तीन दिन पहले ढाई लाख रुपये के लिए गोरखपुर की महिला मरीज को बंधक बनाने को लेकर सुर्खियों में रहे गोमतीनगर स्थित मेयो अस्पताल सुधरने का नाम नहीं ले रहा। अस्पताल की घोर लापरवाही के चलते शनिवार को दो मरीजों की लाश ही बदल गई।
अस्पताल ने लखनऊ निवासी महिला यशोदा भाकुनी की जगह उनके परिवारीजनों को सुल्तानपुर निवासी रहमत अली की लाश थमा दी। हंगामा होने के बाद रहमत के परिवारीजनों को फोन कर बीच रास्ते से अस्पताल वापस बुलाकर शव बदला गया।
गोमतीनगर स्थित मेयो हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती यशोदा भाकुनी (80) की शनिवार सुबह 10 बजे मौत हो गई। अस्पताल का बकाया पैसा एवं कागजी खानापूरी में लगभग दो घंटे लग गए। इसके बाद परिवारीजनोंको शव सुपुर्द किया गया।
शव पर सी-11 देखकर परिवारीजन चौंके क्योंकि यशोदा आईसीयू के बेड नंबर 10 पर भर्ती थीं।
शव बदलने के लिए आधे रास्ते से वापस आए
परिवार ने कर्मचारियों से आशंका भी जताई पर वे अड़े रहे कि वही यशोदा की लाश है। बहरहाल जब जांचा गया तो पता चला कि शव पुरुष का है और यशोदा का शव अस्पताल में नहीं है।
इसके बाद परिवारीजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोगों को काबू में करने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। बाद में पता चला कि शनिवार को ही आईसीयू में भर्ती इंदिरानगर निवासी रहमत अली की मौत हो गई थी। शव बदलने से अंजान रहमत के परिवारीजन उसे लेकर अपने गृह जिले सुल्तानपुर लेकर निकल गए।
बहरहाल उन्हें फोनकर वापस बुलाया गया। दोपहर करीब दो बजे यशोदा का शव भाकुनी परिवार को मिला। पुलिस का कहना है दोनों पक्षों ने किसी तरह की शिकायत नहीं की।
मेयो अस्पताल की प्रबंधक डॉ. मधुलिका सिंह का कहना है कि एक साथ निकलने के कारण दोनों मरीजों के परिवारीजनों की हड़बड़ी में शव बदले थे। बाद में उन्हें पहचान कराकर डेडबॉडी सौंप दी गई।