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ऑनर किलिंग: फूफा, मामा और पिता ने मिलकर की बेटी की हत्या

Sat, 02 Apr 2016 05:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर Updated Sat, 02 Apr 2016 05:09 PM IST
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honor killing reveals, father kills daughter in kanpur
घरवालों ने ली जान
कानपुर के शिवराजपुर में मिले युवती के शव का मामला ऑनर किलिंग का ही निकला। पुलिस के अनुसार बांगरमऊ उन्नाव के शादीपुर गांव निवासी युवती की हत्या उसके पिता लालाराम, फूफा मन्ना पाल और मामा बनवारी ने गला दबाकर की थी। 
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दूसरे मामा विनोद ने साक्ष्य मिटाने में साथ दिया था। चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। बुधवार सुबह शिवराजपुर में ग्रामसभा टकटौली के बाकरगंज गांव में निचली गंग नहर के पास युवती का शव मिला था। उसकी शिनाख्त शादीपुर गांव निवासी लाला पाल की बेटी प्रीती (22) के रूप में हुई थी। 
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एसपी ग्रामीण एस एन तिवारी ने बताया कि प्रीती के कपड़ों में एक पर्ची मिली थी जिस पर लिखा मोबाइल नंबर युवती के मौसा छोटेलाल का निकला। छोटेलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो मामले का खुलासा हुआ।
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छोटेलाल ने बताया कि लालाराम ने प्रीती की शादी 2013 में दुबाईनपुरवा बांगरमऊ निवासी अनुज पाल से की थी। छह महीने बाद ही पति को छोड़कर प्रीती घर आ गई। फिर 2015 में लालाराम ने प्रीती की शादी फत्तेपुर चौरासी निवासी मटरू से की। 

तीन महीने पहले अपनी ससुराल से प्रीती पास के गांव मुस्का के विक्रम पासी के साथ चंडीगढ़ चली गई। अभी होली पर 21 मार्च को प्रीती चंडीगढ़ से अपने पिता के घर वापस आई। परिजनों ने प्रीती से उसके पति मटरू के पास जाने को कहा तो उसने मना कर दिया।

शहर में रहना चाहती थी प्रीती

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रेप - फोटो : DEMO Pics
इस बात पर घर में विवाद हुआ। 27 मार्च को प्रीती को वापस चंडीगढ़ जाना था। एसपी के अनुसार 26 को  लालाराम प्रीती को अपने साले बनवारी के घर ग्राम इतवारपुर थाना सफीपुर ले गया जहां पर प्रीती का फूफा मन्ना पाल भी मौजूद था। 

बातचीत के दौरान तीनों ने प्रीती को पति मटरु के घर जाने को कहा लेकिन प्रीति ने कहा वह विक्रम के साथ ही चंडीगढ़ में रहेगी। इसी बात पर विवाद बढ़ने पर तीनों ने दुपट्टे से गला कसकर प्रीति की हत्या कर दी। बनवारी के भाई विनोद की बोलेरो में प्रीति का शव डालकर बाकरगंज शिवराजपुर में फेंफ दिया गया।   

पुलिस हिरासत में प्रीती के परिजनों ने बताया कि आठवीं तक पढ़ी प्रीती के सपने बहुत बड़े थे। वह किसी भी सूरत में गांव में नहीं रहना चाहती थी। 

इसलिए उसने दो पतियों को छोड़ दिया और विक्रम के साथ चंडीगढ़ चली गई। परिजनों के मुताबिक प्रीती चंडीगढ़ में नौकरी भी करने लगी थी। प्रीती को अपनी गलतियों पर पछतावा नहीं था। जब प्रीती ने अपने पिता से होली पर घर आने की बात कही थी तभी उसकी हत्या की साजिश रच ली गई थी।
 
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