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हिंदी विज्ञान लेखक सम्मेलन 11 को
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हिंदी विज्ञान लेखन के लिए देश भर से जुटेंगे विशेषज्ञ
भाषा संस्थान और पुनर्वास विवि के सहयोग से होगा विज्ञान लेखक सम्मेलन
विज्ञान को अंग्रेजी के बंधन से मुक्त कराने के लिए 11 और 12 अक्तूबर का देश भर के विज्ञान लेखक लखनऊ में जुटेंगे। मौका होगा भाषा संस्थान और डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विवि में उसके सहयोग से आयोजित होने वाले हिंदी विज्ञान लेखन सम्मेलन का। इस सम्मेलन में विज्ञान के क्षेत्र में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान कवि सम्मेलन, विज्ञान नाटक और विज्ञान चित्रकारी का आयोजन भी होगा।
भाषा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. राजनारायण शुक्ला ने बताया कि इस सम्मेलन का मकसद विज्ञान के क्षेत्र में हिंदी में लेखन करने वालों को एक मंच पर लाना है। उनके अनुसार हमारे देश में विज्ञान का लेखन ज्यादातर अंग्रेजी में है। विज्ञान की प्रतिभा हिंदी माध्यम की होने की वजह से आगे नहीं बढ़ पाती हैं। जर्मनी, जापान, फ्रांस, चीन ने अपनी भाषा में विज्ञान की पढ़ाई और काम करके यह दिखा दिया है कि विज्ञान के लिए अंग्रेजी अनिवार्य नहीं है। इसके बजाय जो भाषा समाज के ज्यादा निकट होगी वही सशक्त माध्यम बन सकती है। इस दो दिवसीय सम्मेलन में इसी पर विचार मंथन किया जाएगा।
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भाषा संस्थान और पुनर्वास विवि के सहयोग से होगा विज्ञान लेखक सम्मेलन
विज्ञान को अंग्रेजी के बंधन से मुक्त कराने के लिए 11 और 12 अक्तूबर का देश भर के विज्ञान लेखक लखनऊ में जुटेंगे। मौका होगा भाषा संस्थान और डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विवि में उसके सहयोग से आयोजित होने वाले हिंदी विज्ञान लेखन सम्मेलन का। इस सम्मेलन में विज्ञान के क्षेत्र में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान कवि सम्मेलन, विज्ञान नाटक और विज्ञान चित्रकारी का आयोजन भी होगा।
भाषा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. राजनारायण शुक्ला ने बताया कि इस सम्मेलन का मकसद विज्ञान के क्षेत्र में हिंदी में लेखन करने वालों को एक मंच पर लाना है। उनके अनुसार हमारे देश में विज्ञान का लेखन ज्यादातर अंग्रेजी में है। विज्ञान की प्रतिभा हिंदी माध्यम की होने की वजह से आगे नहीं बढ़ पाती हैं। जर्मनी, जापान, फ्रांस, चीन ने अपनी भाषा में विज्ञान की पढ़ाई और काम करके यह दिखा दिया है कि विज्ञान के लिए अंग्रेजी अनिवार्य नहीं है। इसके बजाय जो भाषा समाज के ज्यादा निकट होगी वही सशक्त माध्यम बन सकती है। इस दो दिवसीय सम्मेलन में इसी पर विचार मंथन किया जाएगा।
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