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हिजाब प्रकरण : कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला न्याय नहीं, केवल निर्णय, फैसले को चुनौती देगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग
Thu, 17 Mar 2022 11:33 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 17 Mar 2022 11:33 AM IST
सार
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के प्रदेश अध्यक्ष डा. मोहम्मद मतीन खान ने कहा कि हिजाब मुस्लिम संस्कृति का जरूरी हिस्सा है। उन्होंने कर्नाटक उच्च न्यायालय के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुये कहा कि यह निर्णय उन लोगों को निराश करेगा जो कानून में अब भी विश्वास रखते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
हिजाब मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग का यूथ विंग सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करेगा। वहीं नागरिक एकता पार्टी ने हाईकोर्ट के फैसले को न्याय के बजाए सिर्फ एक निर्णय बताया है।
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इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के प्रदेश अध्यक्ष डा. मोहम्मद मतीन खान ने कहा कि हिजाब मुस्लिम संस्कृति का जरूरी हिस्सा है। उन्होंने कर्नाटक उच्च न्यायालय के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुये कहा कि यह निर्णय उन लोगों को निराश करेगा जो कानून में अब भी विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार यह तय नहीं कर सकती है कि कौन क्या पहनेगा। उन्होंने कहा कि अदालत का दायित्व है कि वह न्याय की गुहार लगाने वाली लड़कियों के साथ खड़ी हो।
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वहीं नागरिक एकता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शेख ताहिर सिददीकी ने हिजाब को इस्लाम का अटूट हिस्सा बताते हुये कहा कि हमें अपनी शरीयत पर चलने और फैसले से असहमत होने की आजादी संविधान देता है। उन्होंने कहा कि हिजाब का मामला कॉलेज की ड्रेस से जुड़ा हुआ नहीं था लेकिन इसे ड्रेस से जोड़ देना दुर्भाग्यपूर्ण है। हाईकोर्ट ने केवल फैसला सुनाया है लेकिन न्याय नहीं किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज की छात्राएं यूनिफार्म के विरोध में नहीं हैं। हिजाब के पक्ष में याचिका दाखिल करने वाली छात्राओं को हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम में जरूर जाना चाहिए।
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