'नया लखनऊ' तैयार, 50 हजार आशियाने की सौगात!
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कानपुर रोड पर विकसित किए जाने वाले नए लखनऊ का खाका लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण (लीडा) ने बुधवार को तैयार कर लिया।
बोर्ड मीटिंग में लीडा क्षेत्र के लिए मास्टर प्लान-2031 को अप्रूव कर दिया गया। इसके मुताबिक तीन टाउनशिप बनाई जाएंगी। इनमें एक रिहाइशी, एक औद्योगिक और एक पर्यटन को लेकर होगी।
इससे करीब 50 हजार लोगों को आवास की सुविधा मिलेगी। इन टाउनशिप के लिए जहां एक ओर अमौसी तक मेट्रो रेल नेटवर्क होगा, वहीं उसके आगे के लिए लीडा अपने क्षेत्र में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) का निर्माण करेगा।
बनाया जाएगा कार्गो
इसके साथ उद्योगों की सुविधा के लिए लखनऊ कानपुर रेल खंड के समानांतर कार्गो (मालवाहक सिस्टम) भी बनाया जाएगा।
लीडा क्षेत्र में निर्माण के लिए लीडा ने वाह्य और अत: विकास शुल्क तय कर दिया है।
प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास संजीव सरन की अध्यक्षता में हुई बैठक में लीडा के परियोजना प्रबंधक एसके सिंह के अलावा सभी संबंधित बोर्ड के सदस्य व उनके प्रतिनिधि मौजूद रहे।
पर्यटन के क्षेत्र का विकास
नवाबगंज पक्षी विहार के आगे टाउनशिप-सी का विकास होगा। उन्नाव की अंतिम सीमा तक ये टाउनशिप बनाई जाएगी।
इसमें यूपीएसआईडीसी की तर्ज पर उद्योग विकसित करने के लिए छोटे और बड़े प्लाटों का आवंटन किया जाएगा।
पक्षी विहार के नजदीक टूरिज्म जोन बनेगा। यहां मनोरंजन और वाटर पार्क के अलावा होटल और शैक्षणिक संस्थान बनाए जाएंगे। इससे नवाबगंज क्षेत्र एक बेहतर पर्यटन क्षेत्र के तौर पर उभरेगा।
ऐसा होगा मास्टर प्लान
लीडा के उन्नाव और लखनऊ में कुल 84 गांव हैं। इनमें से 45 लखनऊ और 39 उन्नाव की सीमा में हैं। एलडीए की महायोजना के विस्तारित क्षेत्र में जो 197 गांव हैं, उनमें से 37 लीडा क्षेत्र के हैं।
इनमें से लीडा के लिए पहले ही आठ गांव का नोटिफिकेशन किया जा चुका है। ये गांव बिजनौर रोड और बंथरा के आसपास के होंगे।
लखनऊ के बाहरी सीमा पर बसने वाली यह टाउनशिप मल्टीफंक्शनल होगी। 400 एकड़ की इस टाउनशिप में 26 फीसदी क्षेत्र रिहाइश होगा। इसका मतलब है कि यहां करीब 101 एकड़ में रिहाइश दी जाएगी। जिसमें कम से कम 50 हजार परिवारों को बसाया जाएगा।
इसके अलावा 21 फीसदी औद्योगिक, 20 फीसदी ग्रीन, 16 प्रतिशत भूमि सड़क के लिए छोड़ी जाएगी।