72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की नियुक्ति पर हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद को दिया निर्देश
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हाईकोर्ट ने 72825 सहायक/प्रशिक्षु अध्यापकों की भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने पर बेसिक शिक्षा परिषद को विचार करने का आदेश दिया है। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि सुप्रीमकोर्ट ने उपरोक्त भर्ती में से 66655 सहायक अध्यापकों की भर्ती को सुरक्षित कर दिया था, मगर वास्तव में इसमें से 65119 पद ही भरे गए हैं। 1536 पद अभी भी रिक्त हैं।
याचीगण चयनित हो चुके हैं मगर उनको नियुक्ति नहीं दी जा रही है। निर्देश तिवारी और 27 अन्य की याचिका पर न्यायमूर्ति एमसी त्रिपाठी ने सुनवाई करते हुए अपर मुख्य सचिव को याचीगण के प्रत्यावेदन पर छह सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
इसी प्रकार के एक अन्य मामले में प्रभात कुमार पांडेय की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने परिषद को दो माह में याची के प्रत्यावेदन पर निर्णय लेने को कहा है।
अविवाहित शिक्षिकाओं ने भी मांगा अंतरजनपदीय तबादला
विवाहित महिलाओं को अंतरजनपदीय तबादले में छूट मिलने के बाद अविवाहित शिक्षिकाओं ने भी तबादले की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली 1981 के उस प्रावधान को चुनौती दी गई है जिसमें विवाहित अध्यापिकाओं को अंतरजनपदीय तबादले में छूट दी गई है। हालांकि कोर्ट ने याची को कोई राहत नहीं दी है।
अदालत का कहना था कि वह किसी एक्ट को सिर्फ इस आधार पर असंवैधानिक नहीं ठहरा सकते हैं कि उसमें विवाहित शिक्षिकाओं को शामिल किया गया है और अविवाहित को नहीं। नूतन अवस्थी की याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति सुनीत कुमार की पीठ ने सुनवाई की।
याचिका में कहा गया है कि विवाहित शिक्षिकाओं की तरह ही अविवाहित शिक्षिकाओं को भी उनके माता-पिता के निवास वाले जिले में स्थानांतरित किया जाए।