हाईकोर्ट ने पूछा, मानसून आने वाला है, डेंगू से बचाव के लिए क्या किया
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यूपी में डेंगू और मच्छरों से होने वाली बीमारियों से हर वर्ष मरने वाले हजारों नागरिकों के मामले में दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने पूछा है कि बीमारियों का प्रकोप रोकने के लिए प्रदेश सरकार क्या कर रही है?
रमेश कुमार यादव ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि मानसून के बाद मच्छरों और अन्य कीड़ों की वजह से हजारों नागरिकों की मौत होती है।
इनसे बचाव के लिए राष्ट्रीय स्तर पर गाइडलाइंस निर्धारित हैं, लेकिन यूपी में उनका पालन नहीं होता। अधिकारियों को इन गाइडलाइंस की परवाह नहीं। यही वजह है कि डेंगू और उसके जैसे कई रोगों का प्रकोप फैलता है।
याची के वकील बलराम यादव ने बताया कि याचिका में प्रार्थना की गई थी कि सरकार को निर्धारित गाइडलाइंस का पालन करने के निर्देश दिए जाएं, ताकि लोगों की अकाल मौतों को रोका जा सके।
सरकार ने क्या काम किया जानकारी इकट्ठा करने के दिए निर्देश
जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस राकेश श्रीवास्तव ने याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे पिछले वर्ष दायर एक अन्य याचिका के साथ सुनने का निर्णय लिया, जिसमें भी यही मुद्दा उठा था।
हाईकोर्ट ने याचिका पर अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे हफ्ते में रखी है। तब तक सरकार के वकील को निर्देश दिए हैं कि वे मुख्य सचिव, महानिदेशक स्वास्थ्य व अन्य संबंधित विभागों से जानकारी लेकर आएं और बताएं कि सरकार ने इन रोगों की रोकथाम के क्या प्लान बनाए हैं?
हाईकोर्ट ने कहा कि मानसून आने को है, इसे ध्यान रखते हुए समय रहते कदम उठाने चाहिए।