जानिए, कबसे दौड़ेगी हाई स्पीड ट्रेन
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दिल्ली और आगरा के बीच नवंबर से हाई स्पीड ट्रेन दौड़ने लगेगी। हालांकि एक नवंबर को आरडीएसओ इस रूट पर एक बार फिर से हाई स्पीड ट्रेन का ट्रायल करेगा।
यह ट्रेन महज 90 मिनट में गंतव्य तक पहुंच जाएगी। यह जानकारी अनुसंधान अभिकल्प व मानक संगठन (आरडीएसओ ) के डायरेक्टर जनरल पीके श्रीवास्तव ने दी।
डीजी ने बताया कि आरडीएसओ हाईस्पीड ट्रेन के लिए सिग्नल मोडिफिकेशन कर रहा है। इसके लिए नौ रेलखंडों को चुना गया है, इसमें कानपुर-दिल्ली और आगरा-दिल्ली रूट भी शामिल है।
बोगियों में लगेंगे ऑटोमेटिक दरवाजे
साथ ही वह एलएचबी बोगियों, सिग्नल व पटरी के प्वाइंट और सीवीसी कपलर डिजाइन भी कर रहा है। जबकि हाई स्पीड ट्रेन का डिजाइन आईआईटी खड़गपुर के साथ मिलकर किया जा रहा है।
बोगियों में बॉयो टायलेट की डिजाइन में भी सुधार किया जा रहा है। ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए सिग्नल को आधुनिक बनाने की तैयारी है। मार्च 2015 तक सभी स्टेशनों पर ऑटोमेटिक सिग्नल होंगे। इससे ट्रेन लाल सिग्नल पर अधिक इंतजार न कर आगे बढ़ सकेगी।
आग लगने की स्थिति में जानमाल को बचाने के लिए बोगियों में एक ऑटोमेटिक दरवाजा लगाया जाएगा, जो आग लगने पर भी गर्म नहीं होगा। जबकि एसी बोगियों में अग्निरोधक कार्पेट बनाने पर भी अनुसंधान चल रहा है।
सीएनजी से दौड़ेगा डीजल इंजन
रेलवे ईंधन की खपत को कम करने के लिए सीएनजी से डीजल इंजन दौड़ाएगा। इसके लिए डीएलडब्ल्यू और डीएलएमएब्ल्यू वर्कशॉप में इंजन की सीएनजी किट तैयार की जाएगी।
वहीं भविष्य की जरूरतों को देखते हुए रेलवे 9,000 हार्स पावर का इंजन बनाएगा। मौजूदा समय में छह हजार हार्स पावर के इंजन ही बन रहे हैं।
वहीं ऊंचाई वाले रेल खंडों के लिए लोको ट्रायल सिस्टम बनेगा। इसके तहत मुख्य इंजन से ही ट्रेन के पीछे लगने वाले इंजन भी नियंत्रित होंगे। ताकि कम संख्या में ड्राइवरों से काम चलाया जा सके।