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अखिलेश सरकार को कोर्ट का अल्टीमेटम
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Thu, 21 Nov 2013 06:05 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अखिलेश सरकार के निर्देश दिए हैं कि हड़ताली सरकारी कर्मचारियों से तत्काल यानी शाम 4 बजे तक बातचीत शुरू की जाए।
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हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे छोट-छोटे मुद्दे हैं, जो बेवजह से लंबित हैं, उन्हें आसानी से बातचीत के जरिए निपटाया जा सकता है।
मुख्य न्यायाधीश धनंजय यशवंत चंद्रचूड और न्यायाधीश ऋतुराज अवस्थी की खंडपीठ ने बृहस्पतिवार को अभियंता कल्याण समिति की याचिका पर यह निर्देश दिए।
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खंडपीठ के सामने समिति के उपेन्द्र मिश्रा ने 20 नवंबर का सरकार का खत पेश करते हुए बताया कि सरकार गलत कह रही है कि हड़ताली कर्मचारी आवश्यक सेवाएं ठप करना चाहते हैं।
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असल में कर्मचारियों की ऐसी मंशा नहीं है। उन्होंने बताया कि ऐसे कई मुद्दे हैं, जो सरकार बात करे तो आसानी से सुलझाए जा सकते हैं। लेकनि लंबे अरसे से सरकार उन्हें अटकाए हुए है।
खंडपीठ ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों से तत्काल बात करनी चाहिए। ऐसे मुद्दे जो बातचीत से सुलझ जाने चाहिए, उन्हें सुलझाना चाहिए।
बेवजह उन्हें अटाकए रखने से क्या मतलब है। सरकार की ओर से पेश एडिशनल एडवोकेट जनरल बुलबुल घोल्डियाल ने कोर्ट से कुछ वक्त मांगा, इस पर खंडपीठ ने कहा कि नहीं, तत्काल शाम चार बजे तक सरकार को बात शुरू करनी डाहिए।
छह बजे होगी बात
भले ही कोर्ट ने राज्य सरकार को चार बजे तक का वक्त दिया हो, पर सरकार के एपीसी आलोक रंजन से कर्मचारी नेताओं के साथ बैठक करेंगे और इस हड़ताल को खत्म करने का प्रयास करेंगे। मुमकिन है कि राज्य सरकार कर्मचारी की कुछ मांगें भी पूरी कर दे।