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Lucknow News: राजधानी में ई रिक्शों की बढ़ती संख्या पर हाईकोर्ट ने अधिकारियों को किया तलब

Sat, 12 Sep 2026 02:17 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2026 02:17 AM IST
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High Court summons officials over the rising number of e-rickshaws in the capital.
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ।
लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी में ई-रिक्शों की बढ़ती संख्या और उससे बिगड़ती यातायात व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता और नगर आयुक्त की ओर से नामित अतिरिक्त नगर आयुक्त को 21 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा कर आने को भी कहा गया है।
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न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने यातायात प्रबंधन से संबंधित सूरज सिंह विसेन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने पहले भी कहा था कि यातायात व्यवस्था पर बढ़ते दबाव और सड़कों की क्षमता प्रभावित होने के बावजूद सरकार हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठ सकती। ई-रिक्शों की संख्या नियंत्रित करने के लिए प्रभावी नीति बनाने की जरूरत है।
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सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि पॉलीटेक्निक से कामता क्रॉसिंग तक सड़क में 153 खामियां मिली हैं। इन्हें दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम ने भी जरूरी कदम उठाने और रिपोर्ट एसआईटी को सौंपने की जानकारी दी। अनुपालन रिपोर्ट की समीक्षा कर अगली सुनवाई में जवाब देने की बात कही गई।
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ई-रिक्शों की पार्किंग का मुद्दा भी उठा। सरकार ने बताया कि रेलवे और बस स्टेशनों समेत प्रमुख चौराहों और सड़कों के किनारे ई-रिक्शे खड़े होने से यातायात बाधित होता है। नगर आयुक्त को यातायात व पुलिस विभाग के समन्वय से पार्किंग और यात्रियों के उतारने-चढ़ाने के स्थान चिह्नित करने के निर्देश दिए जाएंगे।
सरकार ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि नियम 178 के तहत अधिसूचना जारी होने के बाद उसके प्रावधानों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और अधिसूचित सड़कों पर ई-रिक्शों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा।
यातायात कर्मियों की कमी पर सरकार ने बताया कि अलग कैडर बनाने के बजाय 1,028 कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके अलावा प्रदेश में 11 यातायात निरीक्षकों और 1,277 यातायात उपनिरीक्षकों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। फिलहाल लखनऊ में करीब 1,200 यातायात कर्मी तैनात हैं, जबकि आदर्श संख्या 1,500 मानी गई है।

कोर्ट ने कहा कि सभी पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि लखनऊ की सड़कों पर ई-रिक्शों की संख्या अत्यधिक और अनियंत्रित है। सड़कों की क्षमता और वाहनों की संख्या को देखते हुए इनकी संख्या नियंत्रित करना जरूरी है।
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