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मथुराकांड की सीबीआई जांच नहीं, हाईकोर्ट ने भी खारिज की पीआईएल

Mon, 13 Jun 2016 09:37 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 13 Jun 2016 09:37 PM IST
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high court lucknow bench rejected pil of mathura case
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मथुराकांड की सीबीआई जांच की पीआईएल खारिज कर दी है। मथुरा के जवाहरबाग में हुई हिंसा की सीबाआई जांच के लिए भाजपा प्रवक्ता आईपी सिंह ने हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की थी।
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हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस श्रीनारायण शुक्ला और जस्टिस सुनीत कुमार ने सोमवार को पीआईएल खारिज कर दी। बता दें क‌ि बीते मंगलवार सुप्रीम कोर्ट ने मथुरा हिंसा कांड में सीबीआई जांच की मांग को खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर असहमति जताई थी जिसमें मथुरा हिंसा पर सीबीआई जांच के ल‌िए सपा सरकार को निर्देश देने की मांग की गई थी।
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सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से इस मामले में हाईकोर्ट जाने के लिए कहा था। शीर्ष अदालत में इस मुद्दे पर याचिका भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय द्वारा दाखिल की गई थी। बता दें कि इस हिंसा में दो पुलिस अधिकारी समेत 29 लोगों की मौत हुई थी।
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जानें क्या कहा था, सुप्रीम कोर्ट ने

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सर्वोच्च अदालत की ओर से कहा गया था कि मथुरा मामले पर केंद्र सरकार सीबीआई जांच थोप नहीं सकती है। इससे पहले याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील कामिनी जायसवाल ने सोमवार को न्यायमूर्ति पीसी घोष और न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की गुहार की थी।

याचिका में कहा गया था कि केंद्र सरकार इस मामले की जांच सीबीआई से कराने के लिए तैयार है लेकिन राज्य सरकार ने इसकी सिफारिश नहीं की है। अदालत चाहे तो इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच सीबीआई को सौंप सकती है। साथ ही यह भी कहा गया कि केंद्र और राज्यों को इस तरह की घटनाओं में मारे गए लोगों के लिए मुआवजे के लिए एकसमान नीति बनाने का निर्देश दिया जाए।

उन्होंने कहा था कि हिंसा के बाद घटनास्थल के मौजूद साक्ष्य नष्ट किए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मथुरा के जवाहर पार्क मामले में करीब 200 गाड़िया जलाई गई थी। उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जानी चाहिए।

मालूम हो कि अदालत के निर्देश के बाद दो जून को पुलिस बल जवाहर पार्क में कब्जा हटाने के लिए पहुंची थी। इस दौरान कब्जा करने वाले लोगों के साथ हुए टकराव में मथुरा के एसपी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष कुमार यादव सहित 29 लोगों की मौत हो गई थी।

हालांकि इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सीधे तौर पर सीबीआई जांच की मांग को खारिज कर दिया था कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार जांच को थोप नहीं सकता। इसके बाद ये मामला हाईकोर्ट पहुंचा ज‌िस पर लखनऊ बेंच ने सीबीआई जांच की मांग को खार‌िज कर द‌िया।
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