फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   high court issues contempt notice to additional chief sectary revenue for disobedience of orders

आदेशों की अवज्ञा पर हाईकोर्ट ने दिया अपर मुख्य सचिव राजस्व को अवमानना नोटिस

Mon, 22 Apr 2019 10:11 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ Published by: Amulya Rastogi Updated Mon, 22 Apr 2019 10:11 PM IST
विज्ञापन
high court issues contempt notice to additional chief sectary revenue for disobedience of orders
Lucknow High Court
हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अदालती आदेशों की अवज्ञा पर नाराजगी जताते हुए अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार को अवमानना नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति विवेक चौधरी ने मो. उस्मान अंसारी की याचिका पर यह आदेश दिया। 
विज्ञापन


रिट कोर्ट ने सुल्तानपुर से अमीन के पद से सेवानिवृत्त हुए याची मो. उस्मान अंसारी की सेवाओं को पांच जून 1986 से स्थायी मानते हुए उसे पेंशन व अन्य देयों का लाभ दिए जाने को कहा था। 27 नवंबर 2018 को जारी आदेश में रिट कोर्ट ने कहा था कि राजस्व विभाग आठ सप्ताह में इस पर अमल करें। 
विज्ञापन

राजस्व विभाग ने रिट कोर्ट के आदेश पर अमल नहीं किया। विभाग की तरफ से अदालत में दलील दी गई कि सेवा नियमों के तहत याची को पेंशन आदि का देय अनुमन्य नहीं है। हाईकोर्ट ने पक्षों की दलील सुनने के बाद कहा कि यह मामला स्पष्ट तौर पर अदालत के आदेशों की अवमानना का बन रहा है। 

ऐसे में अवमाननाकर्ता अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, डीएम सुल्तानपुर दिव्य प्रकाश गिरि व एसडीएम सदर, सुल्तानपुर रामजी लाल को क्यों न इसके लिए दंडित किया जाए। अदालत ने अफसरों को खुद या अपने वकील के जरिए जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।  

लघु सिंचाई के मुख्य अभियंता से जवाब तलब

लघु सिंचाई विभाग में अवर अभियंता पद से सेवानिवृत्त त्रिलोकचंद्र शर्मा ने रिट कोर्ट से पेंशन के प्रकरण का निस्तारण कराए जाने का आग्रह किया था। याचिका में कहा गया था कि याची के सेवानिवृत्त होने से पहले उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की गई और उसे आरोपपत्र भी दिया गया। 

याची ने 30 नवंबर 2018 को इसका जवाब भी दाखिल कर दिया था, लेकिन अनुशासनात्मक कार्यवाही जारी होने की वजह से उसे प्रोविजनल पेंशन का ही भुगतान अनुमन्य हुआ। याची के वकील ने अदालत में दलील दी कि ऐसे मामलों में अनुशासनात्मक कार्यवाही छह माह में पूरी कर लिए जाने का नियम है।

इस पर विभाग की तरफ से रिट कोर्ट को बताया गया कि अनुशासनात्मक कार्यवाही पूरी हो गई है, लेकिन जांच अधिकारी ने इसका परिणाम जारी नहीं किया है। 

इस पर रिट कोर्ट ने 28 जनवरी 2019 को दो माह में जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए थे। तय अवधि बीतने के बाद भी निर्देशों का पालन नहीं किए जाने पर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई थी।

हाईकोर्ट ने लघु सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता डीएन शुक्ला को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही पूछा है कि अदालत के आदेशों की अवज्ञा के आरोप में क्यों न उन्हें सजा दी जाए। दोनों ही मामलों में अगली सुनवाई 21 मई को होगी।  
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed