फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   high court asked up government why ssp deepak kumar transferred on Lucknow university case

हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा-क्यों किया एसएसपी दीपक कुमार का तबादला?

Mon, 16 Jul 2018 01:53 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 16 Jul 2018 01:53 PM IST
विज्ञापन
high court asked up government why ssp deepak kumar transferred on Lucknow university case
इलाहाबाद हाईकोर्ट

लखनऊ विश्वविद्यालय में गत चार जुलाई को हुए उपद्रव मामले में हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सरकार से पूछा है कि छह जुलाई को अदालती आदेश के तुरंत बाद लखनऊ के तत्कालीन एसएसपी दीपक कुमार का तबादला किन हालात में किया गया। कोर्ट ने प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को अपने जवाबी हलफनामा दाखिल कर यह भी बताने को कहा है कि किन हालात में किस सामग्री (मैटेरियल) (जो कि सरकार के पास उपलब्ध था) के आधार पर तत्कालीन एसएसपी का तबादला किया गया।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान की खंडपीठ ने सोमवार को खुली अदालत में यह आदेश लखनऊ विश्वविद्यालय बवाल और गुंडई मामले में दर्ज जनहित याचिका पर दिया है। अदालत ने लखनऊ विश्वविद्यालय में चार जुलाई को हुई गुंडई मापीट व तोड़फोड़ की घटना का खुद संज्ञान लेते हुए यह याचिका दर्ज करायी थी। गत छह जुलाई को कोर्ट ने इस मामले में डीजीपी एसएसपी समेत विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और प्रॉक्टर को अपने-अपने जवाबी हलफनामे दाखिल करने के निर्देश दिए थे। 
विज्ञापन


यह जवाबी हलफनामे उक्त अफसरों की तरफ से आज यानि सोमवार को उनके वकीलों द्वारा पेश किए गए। राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही और मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश पांडेय ने कोर्ट को बताया कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय और उच्च शैक्षणिक संस्थानों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृति न होने देने के लिए एक समिति बना दी गई है, जो महीने भर में अपनी रिपोर्ट दे देगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट को यह भी बताया गया कि चार जुलाई की घटना के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और बाकी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

उधर, लखनऊ विश्वविद्यालय की तरफ से संबंधित अफसरों की तरफ से जवाबी हलफनामे दाखिल कर कहा गया कि विश्वविद्यालय में भी कोर्ट के आदेश पर एक समिति बना दी गई है जो 15 दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। 


अदालत द्वारा बार-बार सरकारी वकीलों से यह पूछे जाने पर कि कोर्ट के पिछले आदेश के अगले ही दिन तत्कालीन एसएसपी का तबादला क्यों किया गया। इस पर मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश पांडे ने कहा कि इसका कोई अन्य आशय नहीं था बल्कि यह गुड फेथ में किया गया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई छह अगस्त नियत करते हुए प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी को उक्त सवाल के संबंध में जवाबी हलफनामे दाखिल करने को कहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed