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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Her mother's phone was at her maternal grandparents' home; the daughter was unaware that she had become the district topper.

Lucknow News: मां का फोन ननिहाल में था, बेटी को नहीं था पता कि वह बन गई जिला टॉपर

Mon, 25 May 2026 02:27 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 25 May 2026 02:27 AM IST
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Her mother's phone was at her maternal grandparents' home; the daughter was unaware that she had become the district topper.
सानिया
समीउद्दीन नीलू
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लखनऊ। मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के आगे संसाधनों की कमी भी छोटी पड़ जाती है। राजधानी की सानिया ने इसे सच साबित कर दिखाया। उप्र मदरसा शिक्षा परिषद की मुंशी/मौलवी (सेकेंडरी) परीक्षा में सानिया ने प्रदेश में दसवां और जिले में पहला स्थान हासिल कर परिवार, गांव और मदरसे का नाम रोशन किया है। दिलचस्प बात यह रही कि जिस समय शनिवार को परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, उस वक्त सानिया को अपनी इस बड़ी कामयाबी की खबर तक नहीं थी। वजह यह थी कि उसके पास खुद का मोबाइल फोन नहीं है। परिवार में सिर्फ उसकी मां शहनाज बानो के पास एक एंड्रॉयड फोन है, जिसे सभी सदस्य मिलकर इस्तेमाल करते हैं। शनिवार को मां फोन लेकर ननिहाल गई थीं, इसलिए सानिया अपना रिजल्ट नहीं देख सकी।
रविवार सुबह मां के घर लौटने पर मदरसे की शिक्षिका बुशरा का फोन आया। उन्होंने बताया कि सानिया जिले में पहले स्थान पर रही है और प्रदेश की टॉप-10 सूची में भी जगह बनाई है। यह खबर सुनते ही परिवार में खुशी का माहौल छा गया। काकोरी क्षेत्र के मडोली गांव निवासी सानिया जामिया इस्लाहुल बनात की छात्रा है। उसके पिता जलालुद्दीन प्राइवेट वाहन चालक हैं व मां गृहिणी हैं। पिता आठवीं और मां पांचवीं तक शिक्षित हैं। सीमित आय वाले परिवार में पली-बढ़ी सानिया ने बिना किसी ट्यूशन के घर पर खुद पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया। वह रोज करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित मदरसे तक ऑटो से पढ़ने जाती है।
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पांच भाई-बहनों में दूसरे नंबर की सानिया बचपन से ही पढ़ाई में तेज रही है। उसका बड़ा भाई अयान उससे एक कक्षा पीछे नौवीं में पढ़ता है। सानिया ने बताया कि उसका सपना सिविल सर्विस में जाकर अफसर बनने का है। आर्थिक परेशानियां जरूर थीं, लेकिन उसने कभी हिम्मत नहीं हारी। मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन से ही उसे यह सफलता मिली है।
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मदरसे के प्रिंसिपल मौलाना जुलकरनैन नदवी ने बताया कि सानिया शुरू से ही अनुशासित, मेहनती और पढ़ाई के प्रति गंभीर छात्रा रही है। उसकी सफलता दूसरे बच्चों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
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