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सिर की चोट के साथ गंभीर हालत में अस्पताल आए मदन शुक्ला, अब उन्हें घर तक पहुंचाने में मदद करें
Updated Fri, 25 Mar 2016 09:25 PM IST
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मदन शुक्ला
- फोटो : amar ujala
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केजीएमयू के न्यूरो सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने पहले एक लावारिस वृद्ध का इलाज किया। अब वो उसे वापस घर पहुंचाने की कवायद में जुटे हैं। इस मरीज को सिर की चोट के साथ गंभीर हालत में 22 फरवरी को ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। जहां उसे भर्तीकर इलाज शुरू किया गया।
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अब वो पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं लेकिन अपने परिवारीजनों के बारे में ठीक से बता नहीं पा रहे हैं। केजीएमयू के न्यूरो सर्जरी विभाग के हेड प्रो.बीके ओझा ने उनके परिवार का पता लगाने की अपील की है।
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प्रो. बीके ओझा के अनुसार लगभग 65 वर्षीय वृद्ध को लावारिस हालत में ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया था। जब उसका सीटी स्कैन कराया गया तो मस्तिष्क में कई चोट लगने की जानकारी हुई, जिसकी वजह से वो बेहोश थे।
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जांच में पाया गया कि कोई भी चोट ऐसी नहीं थी ऑपरेशन की जरूरत पड़े। सिर्फ उन्हें दवाओं से ही ठीक किया जा सकता था। न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती कर वृद्ध की दवाएं शुरू की गई। साथ में कोई तीमारदार न होने के कारण नर्सों के सहारे उनकी देखरेख की गई।
10-15 दिन तक दवाओं के बाद वृद्ध होश में आए तो काफी प्रयासों के बाद उन्होंने अपना नाम मदन शुक्ला बताया। इसके बाद उनसे हर दिन प्रयास किया जाता कि वह अपने परिवार के बारे में कुछ बताएं।
अपना नाम बताने के कुछ दिन बाद उन्होंने बताया कि वो अपने बहनोई का इलाज कराने ट्रेन से लखनऊ आए थे लेकिन न तो वह बहनोई का नाम बता पाए और न ही ये बता पाए कि किस अस्पताल में बहनोई का इलाज कराना था। एक दिन उन्होंने रमेश नाम लेते हुए बताया कि वह उनका बेटा है। बड़े बेटे का नाम ओमकार भी उन्होंने बताया। साथ ही ये बताया कि कानपुर के किदवई नगर में शिव मंदिर के पास किराए के मकान में वह अपने परिवार के साथ रहते हैं। मकान का किराया दो सौ रुपये हैं।
थोड़ा और पूछने पर उन्होंने मकान मालिक का नाम संभवत: शिव कुमार बताया। इसी बीच मदन शुक्ला हालत काफी सुधर गई तो वो चलने फिरने लगे। उन पर हर समय नजर रखने के लिए न्यूरो सर्जरी विभाग के पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में भर्ती किया गया।
जिससे 24 घंटे उन पर नजर रखी जा सके। वार्ड में उन्हें नर्सें देखभाल के साथ ही खाना देती थी। इसके अलावा उनकी सफाई व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा जाता था। जिससे पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में गंदगी या बदबू न फैले। अब वो लगभग ठीक हैं लेकिन याददाश्त में कमी होने के कारण अपने परिवार के बारे में पूरी जानकारी नहीं दे पा रहे हैं।
इसीलिए वाट्स एप के माध्यम से अपील की गई है कि मदन शुक्ला के बारे में कोई भी जानकारी मिलने पर प्रो.बीके ओझा के मोबाइल फोन नंबर 9415108077 पर संपर्क करें। जिससे उन्हें परिवार से मिलाया जा सके।