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पीजीआई में पेसमेकर लगवाने वाली महिला निकली पॉजिटिव, मचा हड़कंप
Tue, 19 May 2020 11:04 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 19 May 2020 11:04 AM IST
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लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई में पेसमेकर लगवाने वाली महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई है। मरीज को कोविड हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया है। कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर पीके गोयल समेत 40 लोगों को क्वारंटीन में भेज दिया गया है।
कार्डियोलॉजी को बंद करके सैनिटाइज कराया गया। वहीं दूसरी ओर केजीएमयू के क्वीनमेरी अस्पताल में मरीज के पॉजिटिव आने के बाद यहां कार्यरत एक नर्स पॉजिटिव पाई गई है।
रेजिडेंट्स ने विरोध जताते हुए कहा कि पॉजिटिव के डायरेक्ट कॉन्टेक्ट में रहने वालों को अलग रखा जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। पॉजिटिव पाई गई नर्स की भतीजी भी बीमार बताई गई है, उसे भी केजीएमयू में भर्ती कराया गया है।
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गोरखपुर निवासी 63 साल की महिला मरीज 15 मई को पीजीआई के होल्डिंग एरिया में भर्ती हुई थी। उसी दिन मरीज का नमूना जांच के लिए भेजा गया। 16 मई को कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पीके गोयल ने मरीज को पेसमेकर लगा दिया।
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कार्डियोलॉजी को बंद करके सैनिटाइज कराया गया। वहीं दूसरी ओर केजीएमयू के क्वीनमेरी अस्पताल में मरीज के पॉजिटिव आने के बाद यहां कार्यरत एक नर्स पॉजिटिव पाई गई है।
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रेजिडेंट्स ने विरोध जताते हुए कहा कि पॉजिटिव के डायरेक्ट कॉन्टेक्ट में रहने वालों को अलग रखा जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। पॉजिटिव पाई गई नर्स की भतीजी भी बीमार बताई गई है, उसे भी केजीएमयू में भर्ती कराया गया है।
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गोरखपुर निवासी 63 साल की महिला मरीज 15 मई को पीजीआई के होल्डिंग एरिया में भर्ती हुई थी। उसी दिन मरीज का नमूना जांच के लिए भेजा गया। 16 मई को कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पीके गोयल ने मरीज को पेसमेकर लगा दिया।
जल्दबाजी पर उठे सवाल
17 मई की रात मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन कार्डियोलॉजी के एमआईसीयू और कैथ लैब को सैनिटाइज कराया गया। इसे दो दिन के लिए बंद कर दिया गया। मरीज के कॉन्टेक्ट में रहने वाले लोगों की सूची तैयार की गई। रात में ही सभी लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया।
कर्मचारियों का कहना है कि अभी तक सभी मरीजों को होल्डिंग एरिया में रखकर रिपोर्ट आने का इंतजार करवाया जाता था। पीजीआई के उच्चाधिकारियों का सख्त आदेश है कि पहले जांच रिपोर्ट आएगी फिर उसका प्रोसीजर किया जाएगा। लेकिन इस मरीज में ऐसा क्या खास था कि रिपोर्ट का इंतजार किए बिना ही उसे कैथ लैब में ले जाया गया। कर्मचारियों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
पांच मरीज स्वाइन फ्लू आईसीयू में भेजे
गोरखपुर निवासी महिला को अपेक्स ट्रॉमा सेंटर में बने कोविड हॉस्पिटल में भेज दिया गया है। जबकि महिला के कॉन्टेक्ट में आने वाले अन्य पांच मरीजों को स्वाइन फ्लू आईसीयू में शिफ्ट किया गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. पीके गोयल सहित 10 डॉक्टर, आठ नर्सिंग स्टाफ और कर्मी क्वारंटीन किए गए हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि अभी तक सभी मरीजों को होल्डिंग एरिया में रखकर रिपोर्ट आने का इंतजार करवाया जाता था। पीजीआई के उच्चाधिकारियों का सख्त आदेश है कि पहले जांच रिपोर्ट आएगी फिर उसका प्रोसीजर किया जाएगा। लेकिन इस मरीज में ऐसा क्या खास था कि रिपोर्ट का इंतजार किए बिना ही उसे कैथ लैब में ले जाया गया। कर्मचारियों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
पांच मरीज स्वाइन फ्लू आईसीयू में भेजे
गोरखपुर निवासी महिला को अपेक्स ट्रॉमा सेंटर में बने कोविड हॉस्पिटल में भेज दिया गया है। जबकि महिला के कॉन्टेक्ट में आने वाले अन्य पांच मरीजों को स्वाइन फ्लू आईसीयू में शिफ्ट किया गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. पीके गोयल सहित 10 डॉक्टर, आठ नर्सिंग स्टाफ और कर्मी क्वारंटीन किए गए हैं।
घटना को छिपाने का प्रयास किया जाता रहा
पीजीआई में रविवार रात मरीज के पॉजिटिव आने के बाद हलचल मच गई। पीजीआई प्रशासन की ओर से बनाई गई टास्क फोर्स में मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी खुद निदेशक ने ली है।
जानकारी के लिए निदेशक प्रो. आरके धीमान, प्रो. पीके गोयल, सीएमएस प्रो. अमित अग्रवाल को फोन और मेसेज किया गया, लेकिन तीनों जिम्मेदार जवाब देने से बचते रहे। तीनों ने न तो फोन उठाया और न ही मैसेज का जवाब दिया।
हालत थी गंभीर, इसलिए लगाना पड़ा पेसमेकर
दोपहर बाद करीब 4 बजे पीआरओ कुसुम ने भेजे गए मैसेज का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि मरीज की हालत गंभीर थी, इसलिए तत्काल उसे कैथ लैब में ले जाया गया और उसे पेसमेकर लगाया गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीज को कोविड हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया है। उसके डायरेक्ट कॉन्टेक्ट में आने वालों को क्वारंटीन में भेज दिया गया है।
जानकारी के लिए निदेशक प्रो. आरके धीमान, प्रो. पीके गोयल, सीएमएस प्रो. अमित अग्रवाल को फोन और मेसेज किया गया, लेकिन तीनों जिम्मेदार जवाब देने से बचते रहे। तीनों ने न तो फोन उठाया और न ही मैसेज का जवाब दिया।
हालत थी गंभीर, इसलिए लगाना पड़ा पेसमेकर
दोपहर बाद करीब 4 बजे पीआरओ कुसुम ने भेजे गए मैसेज का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि मरीज की हालत गंभीर थी, इसलिए तत्काल उसे कैथ लैब में ले जाया गया और उसे पेसमेकर लगाया गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीज को कोविड हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया है। उसके डायरेक्ट कॉन्टेक्ट में आने वालों को क्वारंटीन में भेज दिया गया है।