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ठंड के साथ ही बढ़ने लगे दिल के मरीज: हफ्तेभर में चार गुना बढ़े हार्ट अटैक के मामले, ये बरतें सावधानियां

Mon, 20 Dec 2021 11:45 AM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 20 Dec 2021 11:45 AM IST
सार

ठंड बढ़ने के साथ ही लारी कार्डियोलॉजी में दिल के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सर्दियों में बचकर रहें दिल के मरीज।

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Heart patients are increasing in with winter.
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

न्यूनतम पारे में गिरावट के साथ ही हार्ट अटैक के मामले बढ़ने लगे हैं। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में पिछले एक सप्ताह में हार्ट अटैक के मामले बढ़कर चार गुना हो गए हैं। सामान्य दिनों में यहां की इमरजेंसी में हार्ट अटैक के औसतन दो मरीज ही पहुंचते थे। अब इनकी संख्या आठ से नौ हो चुकी है। लखनऊ में न्यूनतम पारा अब दस डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंचने लगा है। इसको देखते हुए डॉक्टरों ने दिल के रोगियों के साथ ही सामान्य व्यक्तियों को भी सावधानी बरतने के लिए कहा है।

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सर्दी के मौसम में तापमान कम होने से खून के थक्के जमने लगते हैं। इसकी वजह से ब्लड प्लेटलेट्स का ज्यादा सक्रिय होना होता है। इसके साथ ही ठंड की वजह से दिल की धमनियां ज्यादा सिकुड़ जाती हैं। इन वजह से दिल में खून और ऑक्सीजन का बहाव कम हो जाता है तथा रक्तचाप बढ़ने से दिल की समस्या पैदा होने लगती है। यहां तक कि इसकी वजह से हार्ट अटैक भी हो जाता है। लोहिया संस्थान के साथ ही लारी कॉर्डियोलॉजी में हार्ट अटैक के मामले काफी बढ़ गए हैं। सामान्य दिनों में यहां हार्ट अटैक के चार से पांच मामले आते थे। अब इनकी संख्या करीब 15 पहुंच चुकी है।
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सर्दी से बचाव के साथ ही आदत में सुधार भी जरूरी
लोहिया संस्थान के कार्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. भुवन तिवारी के अनुसार सर्दी के दौरान दिल की समस्या होने लगती है, इसलिए सावधानी जरूरी है। सबसे जरूरी है ठंड से बचना और दूसरा अपनी आदतों में सुधार करना। सर्दी के दौरान लोग तला-भुना खाने लगते हैं। इससे बचना भी जरूरी है।

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प्राथमिक इलाज में न बरतें कोताही

डॉ. भुवन के अनुसार दिल का दौरा पड़ने पर आसपास के विशेषज्ञ को जरूर दिखा लें। बड़े अस्पताल पहुंचने से पहले प्राथमिक उपचार जरूरी है। ऐसा करने पर मरीज की जान बचाना आसान हो जाता है। जबकि अस्पताल पहुंचने में देरी या फिर प्राथमिक उपचार न मिलने पर मरीज की जान पर बन आती है।

बचाव के लिए करें ये काम
- ठंड से बचाव के लिए कई परत में गर्म कपड़े पहनें
- नियमित रूप से धूप में बैठें और उचित व्यायाम करें।
- टहलने का समय सर्दी के हिसाब से आगे बढ़ा दें।

दिल के दौरे के लक्षण: सीने में दर्द, बेचैनी, पसीना आना, जबड़े-गर्दन-बाजू व कंधे में दर्द, सांस का टूटना।

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