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Lucknow News: खतरनाक मांझे की चपेट में आया स्वास्थ्य कर्मचारी, नाक जख्मी
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घायल प्रशांत श्रीवास्तव।
लखनऊ। खतरनाक मांझे की चपेट में आकर शनिवार को आशियाना स्थित खजाना चौराहे के पास रहने वाले प्रशांत श्रीवास्तव घायल हो गए। प्रशांत की नाक पर गंभीर चोट आई है। उन्हें लोकबंधु अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। प्रशांत ने अभी आशियाना थाने में शिकायत नहीं की है।
सरोजनीनगर सीएचसी में तैनात प्रशांत ने बताया कि वह किसी काम से तेलीबाग गए थे। लौटते समय मांझा उनके चेहरे से लिपट गया। वह जब तक कुछ समझ पाते मांझे से उनकी नाक लहूलुहान हो गई। उन्होंने बाइक रोककर खुद को मांझे से अलग किया। गनीमत रही कि उनकी गर्दन मांझे की चपेट में नहीं आई। प्रशांत ने कहा कि आए दिन इस तरह के हादसे हो रहे हैं, लेकिन सख्ती नहीं की जा रही है।
कुछ दिन पहले मांझे की चपेट में आकर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव शोएब की मौत हो गई थी। इस मामले में हत्या की रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। पुलिस ने दो पतंगबाजों को गिरफ्तार कर खानापूर्ति कर दी थी। वहीं, शुक्रवार को एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने भी व्यापारियों से खतरनाक मांझे की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी। बावजूद इसके बाजार में खतरनाक मांझे बिक रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने जताई थी नाराजगी
बाजारखाला इलाके में चार फरवरी को दुबग्गा के सीते विहार कॉलोनी निवासी मो.शोएब (34) की मांझे से हुई मात के बाद सीएम ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया था। इतना ही नहीं पूरे प्रदेश में खतरनाक मांझे के इस्तेमाल और उसके निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। साथ ही इसका इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई का आदेश दिया था। इसके बाद कुछ दिन तक पुलिस ने शहर में कई जगह चेकिंग अभियान चलाया। बाद में अभियान ठंडा पड़ गया।
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सरोजनीनगर सीएचसी में तैनात प्रशांत ने बताया कि वह किसी काम से तेलीबाग गए थे। लौटते समय मांझा उनके चेहरे से लिपट गया। वह जब तक कुछ समझ पाते मांझे से उनकी नाक लहूलुहान हो गई। उन्होंने बाइक रोककर खुद को मांझे से अलग किया। गनीमत रही कि उनकी गर्दन मांझे की चपेट में नहीं आई। प्रशांत ने कहा कि आए दिन इस तरह के हादसे हो रहे हैं, लेकिन सख्ती नहीं की जा रही है।
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कुछ दिन पहले मांझे की चपेट में आकर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव शोएब की मौत हो गई थी। इस मामले में हत्या की रिपोर्ट भी दर्ज की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी। पुलिस ने दो पतंगबाजों को गिरफ्तार कर खानापूर्ति कर दी थी। वहीं, शुक्रवार को एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने भी व्यापारियों से खतरनाक मांझे की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी। बावजूद इसके बाजार में खतरनाक मांझे बिक रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने जताई थी नाराजगी
बाजारखाला इलाके में चार फरवरी को दुबग्गा के सीते विहार कॉलोनी निवासी मो.शोएब (34) की मांझे से हुई मात के बाद सीएम ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का आदेश दिया था। इतना ही नहीं पूरे प्रदेश में खतरनाक मांझे के इस्तेमाल और उसके निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। साथ ही इसका इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई का आदेश दिया था। इसके बाद कुछ दिन तक पुलिस ने शहर में कई जगह चेकिंग अभियान चलाया। बाद में अभियान ठंडा पड़ गया।