जल्द ही बंद होगा ये बैंक, आप भी ग्राहक हैं तो निकाल लीजिए पैसे
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संदिग्ध गतिविधियों की वजह से पिछले पांच महीने से रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की बंदिशें झेल रहा हिंदुस्तान को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (एचसीबीएल) जल्द ही बंद हो जाएगा।
एचसीबीएल के प्रबंधन का कहना है कि बैंक अपना बैंकिंग लाइसेंस रद्द करने के लिए आरबीआई में आवेदन करेगा।
यह निर्णय बैंक की आम सभा में लिया गया है। वहीं, आरबीआई का कहना है कि लाइसेंस रद्द करने पर अंतिम निर्णय नहीं किया गया है, अगर एचसीबीएल को बैंकिंग के कायदों के खिलाफ पाया गया तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।
एचसीबीएल ने अपने ग्राहकों के नाम अपील जारी करके दावा किया है कि वह आर्थिक रूप से मजबूत था। लेकिन 16 अप्रैल 2015 को आरबीआई ने उस पर रोक लगा दी। इस वजह से ग्राहकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। इन हालात में बैंक प्रबंधन ने अपने करीब 60 हजार जमाकर्ताओं को अब उनकी रकम ब्याज सहित लौटाना शुरू कर दिया।
अपील में दावा किया गया है कि बैंक सभी ग्राहकों को उनका जमा धन लौटाया है और जो बच गए हैं, उन्हें भी लौटाया जा रहा है, ताकि बैंक की विश्वसनीयता बनी रहे। लेकिन बैंक की आम सभा में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया है कि एचसीबीएल को मौजूदा परिस्थितियों में चलाना संभव नहीं है।
आरबीआई के अधीन बैंक व्यवसाय करना मुश्किल काम हो गया है। ऐसे में आरबीआई को आवेदन किया जा रहा है कि वह एचसीबीएल का बैंकिंग लाइसेंस वापस कर दे। वहीं एचसीबीएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर कहा कि आरबीआई ने गैर जिम्मेदाराना ढंग से उन पर कार्रवाई की।
उन्होंने कहा कि बैंक का नाम सहारा से जोड़ते हुए उसकी गतिविधियों पर आरबीआई ने कारण बताओ नोटिस जारी किया जो बेबुनियाद था। इसका खामियाजा बैंक की छवि को हुआ। आरबीआई ने सहारा की बी टीम होने का दावा करते हुए 1,800 करोड़ रुपये के लेन-देन को संदेहास्पद बताया था।
अकाउंट-लॉकर खाली कर लो
बैंक ने ग्राहकों से कहा है कि वे अपने खातों से पैसा निकाल लें और लॉकर खाली कर दें। इसके लिए 14 अक्तूबर अंतिम तिथि रखी गई है। वहीं कर्ज लेने वालों से अनुरोध किया गया है कि वे भी ऋण चुका कर सिक्योरिटी पेपर वापस ले लें।
16 अप्रैल 2015 से पहले बैंक के पास करीब 60 हजार ग्राहक थे, लेकिन आरबीआई की पाबंदियों के बाद भारी संख्या में भीड़ उमड़ी और उन्होंने अपने खातों से पैसा निकालकर खाते बंद कर दिए थे। पहले एक लाख रुपये ही निकाले की छूट थी, लेकिन जुलाई में इस छूट को हटाने के बाद खाताधारकों ने तेजी से अपने खाते खाली कर उन्हें बंद करवाया।
फिलहाल बैंक में 200 से कम खाते रह गए हैं। वहीं जमा रकम जो कभी 289 करोड़ थी वह अब 5 करोड़ से कम रह गई है। ये खाते भी 14 अक्तूबर के बाद खाली हो जाएंगे और बैंक बंद हो जाएगा।
ये पाबंदियां लगी हैं एचसीबीएल पर
•आरबीआई से पूर्व अनुमति के बिना बैंक कोई भी भी लोन या एडवांस नहीं दे सकेगा न लोन रिन्यू कर सकेगा।
•कोई निवेश नहीं कर सकता।
•नया डिपॉजिट या फंड नहीं स्वीकार सकता।
•अपनी चल व अचल संपत्ति को नहीं बेच सकता, न ट्रांसफर करेगा।
•खाताधारक अधिकतम एक लाख रुपया ही निकाल सकते हैं। (बाद में हाईकोर्ट के दखल के बाद यह पाबंदी हटा दी गई)