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MNREGA: नहीं बचेंगे दोषी, प्रदेश भर में होगी जांच

Sun, 10 Aug 2014 10:21 AM IST
मनोज कुमार सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
मनोज कुमार सिंह/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 10 Aug 2014 10:21 AM IST
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HC gives decision on manrega scam

सूबे में मनरेगा के घोटालेबाज अब बच नहीं सकेंगे। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह सात जिलों में ही नहीं, पूरे प्रदेश में इस घोटाले की जांच करे।

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मनरेगा घोटाले में 7 जिलों की जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद अदालत ने यह निर्देश दिया। अदालत ने जांच एजेंसी से कहा कि अन्य जिलों से भी मनरेगा से जुड़े रिकॉर्ड कस्टडी में ले।
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साथ ही यह भी चेताया कि अगर उसने इसमें देरी की तो अहम रिकॉर्ड नष्ट हो सकते हैं।

यही नहीं अदालत ने आयकर महानिदेशक और मनी लॉन्ड्रिंग कानून से संबंधित अफसर को भी मिलने वाले तथ्यों को साझा करने के निर्देश सीबीआई को दिए जिससे घपलेबाजों पर शिकंजा कसा जा सके।

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2011 में दर्ज हुई थी पीआईएल

HC gives decision on manrega scam

न्यायमूर्ति देवी प्रसाद सिंह और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी (द्वितीय) की खंडपीठ ने यह आदेश मनरेगा घोटाले की जांच की मांग वाली वर्ष 2011 से लंबित पीआईएल पर दिया।

इस साल 31 जनवरी को कोर्ट ने मामला सीबीआई के सुपुर्द किए जाने का निर्देश दिया था। सीबीआई ने गुरुवार को सिर्फ 7 जिलों की जांच रिपोर्ट पेश की, जिसे कोर्ट ने संतोषजनक तो माना लेकिन यह भी कहा कि दिए गए निर्देशों के तहत उसने अन्य जिलों में घोटाले की शुरुआती जांच संबंधी प्रभावी कदम नहीं उठाए।

इसमें देरी होने से रिकॉर्ड नष्ट हो सकते हैं। कोर्ट ने सीबीआई को प्रिलिमिनरी इंक्वायरी का निर्देश के साथ कहा कि अगर इसमें कुछ मिले तो नियमित जांच की जा सकती है। अदालत ने मामले को 10 नवंबर को सूचीबद्ध किए जाने के निर्देश देकर रिकॉर्ड को सील कवर में रखने को कहा है।

...ताकि घपलेबाजों पर हो सके कार्रवाई

HC gives decision on manrega scam

अदालत ने सीबीआई को जांच में मिलने वाली सामग्री (घोटाले संबंधी तथ्यों) को आयकर विभाग के महानिदेशक व मनीलॉन्ड्रिंग कानून संबंधी प्राधिकारी को भेजने को कहा है, जिससे ये अफसर मनरेगा योजना के कोष से लाभ उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर सकें।

कोर्ट ने अगली सुनवाई पर जांच एजेंसी से इसकी रिपोर्ट तलब की है।

सरकार से पूछा- क्या हुआ क्वालिटी मॉनिटर सेल का

राज्य सरकार की तरफ से पेश हुए अपर महाधिवक्ता जफरयाब जीलानी से कोर्ट ने पूछा कि मनरेगा कोष के इस्तेमाल की निगरानी के लिए ‘मल्टी मेंबर स्टेट क्वालिटी मॉनिटर सेल’ के गठन के लिए अब तक क्या किया गया। अदालत ने उठाए गए कदमों संबंधी निर्देश प्राप्त कर स्टेटस रिपोर्ट पेश करें।

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