'अल्लाह से डरें आजम, 'एबनॉर्मल' बयानबाजी ना करें'
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इंदिरा गांधी के साथ काम कर चुके कांग्रेस के बुजुर्ग नेता अमीर हैदर कहते हैं, आजम अल्लाभूली (अल्लाह को भूलने वाले) बातें कर रहे हैं।
लगता है कि उन्हें अल्लाह से कोई डर नहीं है। वह खुद को अल्लाह से ऊपर समझ रहे हैं।
आजम को समझना चाहिए कि बहुत ज्यादा बड़बोलापन अल्लाह को पसंद नहीं है, खास तौर पर बदतमीजी के जुमले। अल्लाह की लाठी में आवाज नहीं होती।
घटिया प्रचार के लिए आजम ‘एबनॉर्मल’ बयानबाजी कर रहे हैं। जिस परिवार पर आफत का पहाड़ टूट पड़ा हो, उसके बारे में इस तरह का घटिया बयान, उनकी घटिया सोच साबित करता है।
अमीर हैदर का कहना है कि सपा का ग्राफ नीचे जाता देख आजम बौखला गए हैं और उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। उन्हें इसका इलाज कराना चाहिए।
अल्लाह से खुद को ऊपर समझने लगे हैं आजम
कमोबेश सभी का कहना है कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन वोट के चक्कर में मर्यादाओं की सीमा रेखा नहीं लांघी जानी चाहिए।
वैसे भी अपने देश में मृत व्यक्ति की आलोचना न करने की परंपरा रही है। संजय व राजीव की मौत को अल्लाह की सजा बताए जाने संबंधी आजम के बयान पर कांग्रेसियों में उबाल है।
वे कह रहे हैं कि आजम का दिमागी संतुलन बिगड़ गया है। दरअसल खामख्याली में यह शख्स अपने को अल्लाह से भी ऊपर समझने लगा है। आजम को भी अल्लाह से डरना चाहिए।
सपा के लोग भी आजम के इस बयान के साथ नहीं हैं। श्रम मंत्री शाहिद मंजूर ने तो यहां तक कह दिया कि नेताओं को अपनी जुबान और भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए। ऐसी कोई बात नहीं कहनी चाहिए जिससे किसी को तकलीफ पहुंचे।
मर्यादा के खिलाफ है आजम का बयान
आजम खां का बयान बेहद निंदनीय है। यह मर्यादा और शिष्टाचार के भी खिलाफ है। कोई भी सभ्य समाज इसका समर्थन नहीं कर सकता।
इंदिरा, राजीव या संजय गांधी क्या किसी सामान्य व्यक्ति, जो इस दुनिया में नहीं है, उसके खिलाफ इस तरह की भाषा और शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए।
मुख्तार अब्बास नकवी, प्रवक्ता भाजपा
सपा के कैबिनेट मंत्री आजम खां के विवादित बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि आजम ने देश के शहीदों के संबंध में गैर जिम्मेदाराना बयान देकर अपनी घटिया मानसिकता का परिचय दिया है।
प्रदेश अध्यक्ष ने विभिन्न राजनीतिक दलों के तमाम अर्नगल बयानबाजी करने वाले नेताओं को चेतावनी दी कि वे अपने बयान सोच समझकर जारी करें। यदि नेताओं ने अब कोई गलत बयानी की तो खटिक महासभा इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
चौ. लल्लूराम सोनकर, खटिक महासभा के प्रदेश महासचिव
आजम और शाह पर मुकदमे का हुआ स्वागत
रालोद के राष्ट्रीय सचिव अनिल दुबे ने कहा चुनाव आयोग की ओर से अमित शाह और आजम खां के खिलाफ की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि भाजपा और सपा दोनों प्रदेश में साम्प्रदायिक दंगे कराना चाहते थे।
दोनों नेताओं ने जानबूझकर ऐसी बातें कही। जिससे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण हो और दोनों दलों का फायदा हो। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी रीता बहुगुणा जोशी ने बलात्कर के मामले में सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के बयान की कड़ी निंदा की है।
साथ ही उन्होंने भड़काऊ बयान को लेकर आजम खान और अमित शाह के खिलाफ चुनाव आयोग की कार्रवाई का स्वागत किया है।
उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह ने जिस तरह बलात्कार के मसले पर बयान दिया है उससे पता चलता कि है कि उनके मन में महिलाओं के प्रति कितना सम्मान है।
आजम खां बरखास्त हों: भाजपा
भाजपा ने आजम खां पर बदजुबान होने का आरोप लगाते हुए उन्हें मंत्रिमंडल से बरखास्त करने की मांग की है।
पार्टी प्रवक्ता डॉ. मनोज मिश्र ने कहा कि सपा नेता अपनी संभावित हार से बौखला गए हैं। इसीलिए अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। आरोप लगाया कि सपा सरकार के ज्यादातर लोग न तो कानून में विश्वास रखते है और न ही उनका भाषा पर संयम है।
रिजवी का कहना है कि आजम की बात को ज्यादा गंभीरता से लेना ही नहीं चाहिए। जो इस दुनिया में नहीं, उस पर ‘कमेंट’ करना शिष्टाचार के खिलाफ तो है ही, हमारी परंपरा और तहजीब भी इसकी इजाजत नहीं देती।
इंदिरा गांधी से लेकर राजीव गांधी तक का मुल्क के लिए क्या योगदान रहा है, यह सभी जानते हैं।
मौत सबकी आनी है। कोई मौत से बचेगा नहीं लेकिन इस तरह के बयानों का कोई भी समर्थन नहीं कर सकता। चुनाव के लिए और भी बहुत से मुद्दे हैं।