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Lucknow News: घर पहुंचने की जल्दबाजी बनी हादसे की वजह, उजड़ गया पूरा परिवार

Fri, 12 Jun 2026 02:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Fri, 12 Jun 2026 02:17 AM IST
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Haste to reach home led to the accident, an entire family was devastated
घर पर सांत्वना देने वालों की जुटी भीड़ व घायल परिवार के सदस्य।
दुबग्गा। कश्मीर की खूबसूरत वादियों में बिताए पलों को तस्वीरों में समेटकर लखनऊ लौट रहे कारोबारी अबू बकर का पूरा परिवार एक झटके में उजड़ गया। गंगा एक्सप्रेस वे पर हुए भीषण हादसे ने न सिर्फ तीन जिंदगियां लीं, बल्कि पीछे छोड़ गया चीखें, आंसू और कभी न मिटने वाला मलाल। रातभर बिना रुके गाड़ी चलाने और घर पहुंचने की जल्दबाजी हादसे की वजह बनी।
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नक्खास की शीरमाल वाली गली निवासी पंजाबी नगरी शोरूम के मालिक अबू बकर परिवार के साथ गर्मियों की छुट्टियों में जम्मू-कश्मीर घूमने गए थे। मंगलवार रात वे लखनऊ के लिए तीन गाड़ियों से निकले थे। बुधवार सुबह अमरोहा में गंगा एक्सप्रेसवे पर उनकी एक गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई।
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हादसे में अबू बकर, उनकी भाभी हिना और भांजी जुनैरा की मौत हो गई। हादसे में अबू बकर की पत्नी कुलसुम, बेटा अफ्फान, बेटी अफीफा, भाई उमर, उनके दो बच्चे मोहम्मद और हादिया, भांजियां हामना और सिदरा घायल हुए।
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अब रह गईं सिर्फ यादें
कश्मीर से परिवार ढेर सारी तस्वीरें और यादें लेकर आ रहा था। अब यही तस्वीरें अपनों की आखिरी निशानी बन गई हैं। परिजनों की आंखों से आंसू नहीं थम रहे हैं। हर किसी के मन में बस एक ही मलाल है कि अगर उस रात कुछ देर आराम कर लिया होता, तो शायद आज यह परिवार अपने बीच होता।

एक साथ उठे तीन जनाजे गम में डूबे परिजन
नक्खास की शीरमाल वाली गली निवासी कारोबारी अबू बकर, उनकी भाभी हिना और भांजी जुनैरा का जनाजा बृहस्पतिवार को एक साथ उठा। जनाजे में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। तीनों को ऐशबाग के सुप्पा कब्रिस्तान में अगल-बगल सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बुधवार देर रात तीनों के शव दुबग्गा स्थित चाचा डॉ. जावेद के घर पहुंचे। शव पहुंचते ही परिवार गम में डूब गया। अबू बकर के घर जगह की कमी के कारण शव चाचा के घर लाए गए थे। बृहस्पतिवार दोपहर तीनों शवों को नक्खास लाया गया। वहां से ऐशबाग के सुप्पा कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। हादसे में घायल परिवार के पांच अन्य लोगों का अभी इलाज चल रहा है।

घर पर सांत्वना देने वालों की जुटी भीड़ व घायल परिवार के सदस्य।

घर पर सांत्वना देने वालों की जुटी भीड़ व घायल परिवार के सदस्य।

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