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Lucknow News: प्लेटलेट्स चढ़ाने में जल्दबाजी खतरनाक, डेंगू में बरतें सावधानी
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प्रतीकात्मक।
लखनऊ। पीजीआई ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग के डॉ. अतुल सोनकर ने प्लेटलेट्स चढ़ाने में जल्दबाजी को मरीजों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक बताया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन से पहले मरीज का प्लेटलेट्स एक लाख से कम नहीं होना चाहिए। वहीं, डेंगू के गंभीर मामलों में भी जब तक प्लेटलेट्स काउंट 20 हजार से नीचे न जाए, तब तक प्लेटलेट्स चढ़ाने से बचना चाहिए। यदि मरीज को बुखार और रक्तस्राव हो रहा है, तो ऐसी स्थिति में प्लेटलेट्स तत्काल चढ़ाना आवश्यक है। डॉ. अतुल सोनकर ने यह जानकारी बलरामपुर अस्पताल के 157वें स्थापना दिवस पर आयोजित सीएमई में दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीज की वर्तमान सेहत का पूरा आकलन करने के बाद ही प्लेटलेट्स चढ़ाने का निर्णय लिया जाना चाहिए।
प्रदूषण से बढ़ रहीं सांस की बीमारियां
केजीएमयू रेस्पीरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि प्रदूषण के कारण सांस संबंधी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। प्रदूषण के सूक्ष्म कण फेफड़ों और सांस की नली में जमा होकर संक्रमण और सूजन का कारण बनते हैं, जिससे सीओपीडी और अस्थमा जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
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प्रदूषण से बढ़ रहीं सांस की बीमारियां
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