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हाशिम अंसारी बोले, 'हमें अयोध्या में बाबरी मस्जिद ही चाहिए'

Mon, 11 May 2015 09:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फैजाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फैजाबाद Updated Mon, 11 May 2015 09:35 PM IST
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Hasim Ansari says we want masjid in Ayodhya.

अयोध्या में राममंदिर निर्माण पर नरेंद्र मोदी सरकार के पहले बार सामने आए रुख ने हलचल पैदा कर दी है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भले ही राज्यसभा में बहुमत न होने की दुहाई दे कानून नहीं बना पाने की मजबूरी गिना रहे हों, पर संत इस मुद्दे पर कोई ढील देने के मूड में नहीं हैं।

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संतों ने दो टूक कहा-राम मंदिर पर मोदी सरकार बहाने न बनाए। सरकार इस मुद्दे पर दम दिखाए। संतों ने चेताया कि भाजपा बहानेबाजी का खामियाजा पहले भुगत चुकी है, दोबारा गलती की तो रामभक्त कतई माफ नहीं करेंगे। वहीं विश्व हिंदू परिषद और बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाशिम अंसारी ने भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
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हाशिम अंसारी बोले- बाबरी मस्जिद चाहिए, शांति के साथ

बाबरी मस्जिद के मुद्दई हाशिम अंसारी का कहते हैं कि भाजपा-कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। ये बहुमत के बाद भी कुछ नहीं कर सकतीं। 67 एकड़ जमीन पर 50 लाख रुपये रोजाना खर्च क्यों हो रहा है?
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बाबरी मस्जिद और रामजन्मभूमि का फैसला लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए। जल्द से जल्द सुप्रीम कोर्ट की स्पेशल बेंच बनाई जाए। हमको कुर्सी-करेंसी नहीं, बाबरी मस्जिद चाहिए, शांति के साथ।

2016 में मिल जाएगा बहुमत तब लाना होगा कानून

Hasim Ansari says we want masjid in Ayodhya.

वहीं, रामजन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य रामविलास दास वेदांती का कहना है कि हम सुप्रीमकोर्ट के फैसले की प्रतीक्षा नहीं करेंगे। यदि भाजपा राम मंदिर मुद्दे के खिलाफ चलेगी तो देश की जनता माफ नहीं करेगी। 2016 तक राज्यसभा में भाजपा को बहुमत मिल जाएगा, तब कानून दोनों सदन में भाजपा को लाना पड़ेगा।

विहिप ने कहा- लोकसभा में तो बहुमत है
विहिप के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा कि राज्यसभा में बहुमत नहीं है, लेकिन लोकसभा में बहुमत है। अनेक बिल भारी विरोध के बावजूद पास हुए हैं। लोकसभा में बिल लाकर सरकार चर्चा कराए, अपने आप मार्ग प्रशस्त होता जाएगा।

1949 से 2010 तक 60 वर्ष लगा, तब हाईकोर्ट से निर्णय हुआ। अब सुप्रीम कोर्ट में कितना समय लगेगा पता नहीं। ऐसे में केंद्र सरकार दूसरा रास्ता सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई के लिए स्पेशल बेंच बनाकर दिखाए।

राज्यसभा में बहुमत न होना राजनाथ का विषय
इस मसले पर श्रीरामजन्मभूमि के कार्याध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास ने कहा कि राज्यसभा में बहुमत नहीं होने का राजनाथ सिंह का बयान उनका अपना विषय है। हमें विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में ही इस मसले का समाधान हो जाएगा। संतों का एक शिष्टमंडल जल्द ही उनसे मिलेगा।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना ही एक विकल्प

Hasim Ansari says we want masjid in Ayodhya.

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत ज्ञानदास कहते हैं कि राममंदिर निर्माण पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बात की है। फिलहाल बातचीत का ब्यौरा नहीं बता सकता। सुलह-समझौते से ही मंदिर-मस्जिद विवाद निपट सकता है। नासिक से सितंबर में लौटने पर दोनों पक्षों की बैठक करेंगे जिसमें पूर्ण हल निकल आने की संभावना है।

इंतजार के अलावा विकल्प नहीं
अनी अखाड़े के श्रीमहंत व रामजन्मभूमि के पक्षकार महंत धर्मदास का कहना है कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह सही कह रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के इंतजार के अलावा कोई विकल्प नहीं है। कोर्ट के आदेश के खिलाफ काम करना मूर्खतापूर्ण होगा। कानून बनने से फायदा नहीं है।

कानून बनाकर भी कुछ नहीं कर सकते

निर्मोही अखाड़ा के महंत व पक्षकार भाष्कर दास के प्रतिनिधि पुजारी रामदास  ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और वहीं से समाधान होगा। भाजपा सरकार कानून बनाकर भी कुछ नहीं कर सकती। हमें इंतजार करना होगा।

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