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Lucknow News: हरदोई की लक्ष्मी बढ़ाएगी मुहर्रम के जुलूस की शान

Sat, 20 Jun 2026 02:28 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Jun 2026 02:28 AM IST
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Hardoi's Lakshmi to add grandeur to the Muharram procession.
ह​थिनी लक्ष्मी
माई सिटी रिपोर्टर
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लखनऊ। पहली मुहर्रम को बड़ा इमामबाड़ा से निकले शाही जरीह के जुलूस में इस बार हाथी नजर नहीं आया तो लोगों के बीच इसकी चर्चा शुरू हो गई। अब यह कमी सातवीं और 10वीं मुहर्रम के जुलूस में दूर हो जाएगी। हरदोई की हथिनी ''लक्ष्मी'' इन दोनों जुलूसों की शान बढ़ाएगी।
वर्षों से मुहर्रम के जुलूस में शामिल होने वाला हाथी फैजुल्लागंज से लाया जाता था, लेकिन पिछले वर्ष उसकी मौत हो गई। इसके बाद हुसैनाबाद ट्रस्ट से जुड़े प्रशासनिक अधिकारियों ने आसपास के जिलों में हाथी की तलाश शुरू कर दी थी। हरदोई में ''लक्ष्मी'' नाम की हथिनी का इंतजाम भी हो गया था। पहली मुहर्रम की सुबह ट्रक से लखनऊ लाने का प्रयास किया गया लेकिन महावत के दो घंटे की मशक्कत के बाद भी वह ट्रक पर नहीं चढ़ सकी थी। इसके चलते शाही जरीह का जुलूस इस बार बिना हाथी के ही निकाला गया।
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अब 'लक्ष्मी' को हरदोई से पैदल लखनऊ लाया जा रहा है। शुक्रवार तक वह करीब 30 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी थी और अगले दो दिनों में उसके लखनऊ पहुंचने की उम्मीद है। इसके बाद वह सातवीं और दसवीं मुहर्रम के जुलूस में शामिल होगी। इन जुलूसों में हाथी पर सवार एक युवक चांदी का अलम लेकर चलता है, जो वर्षों पुरानी परंपरा का अहम हिस्सा और श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहता है। अफ्हाम-ए-जमा सोसाइटी के अध्यक्ष सैय्यद अली मीसम नकवी ने बताया कि उनकी सोसाइटी ने भी एडीएम पूर्वी से मिल कर पुरानी परंपरा के मुताबिक जुलूस में हाथी को शामिल करने की मांग की थी। प्रशासन की ओर से उन्हें आश्वस्त किया गया है कि सातवीं और दसवीं के जुलूस में हाथी शामिल होगा।
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एडीएम (पूर्वी) एवं सचिव हुसैनाबाद ट्रस्ट, महेंद्र पाल सिंह के अनुसार पहली मुहर्रम के दिन हरदोई से हथिनी को लाने की कोशिश की गई थी। काफी प्रयास के बाद भी वह ट्रक पर नहीं चढ़ी। अब उसे पैदल लाया जा रहा है। उम्मीद है कि वह समय पर पहुंच जाएगी और सातवीं व दसवीं मुहर्रम के जुलूस में शामिल होकर वर्षों पुरानी परंपरा को कायम रखेगी। परंपरा में कोई कमी न हो इसका प्रशासन पूरा ख्याल रख रहा है।
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