फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Half bed of burn unit of three hospitals are full

दिवाली पर बर्न यूनिट बेहाल, बेड हुए कम, डॉक्टर रिटायर

Mon, 01 Nov 2021 02:36 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Nov 2021 02:36 AM IST
विज्ञापन
Half bed of burn unit of three hospitals are full
हर साल दिवाली में औसतन 200 मरीज आते हैं झुलसने के। (फोटो ः प्रतीकात्मक) - फोटो : ??? ?????
रोशनी के पर्व दीपावली पर आग लगने और पटाखों से जलने के हादसे खूब होते हैं। ऐसे में राजधानी के सरकारी अस्पतालों की बर्न यूनिट कितनी तैयार हैं, इसका अंदाजा यहां बेड की संख्या और डॉक्टरों की उपलब्धता से लगा सकते हैं।
विज्ञापन

सिविल, बलरामपुर और केजीएमयू में ही बर्न यूनिट की सुविधा है। इनमें कुल 76 बेड हैं, जिनमें से आधे बेड भरे हुए हैं। वहीं बलरामपुर अस्पताल में कोई प्लास्टिक सर्जन ही नहीं है, सिविल अस्पताल की बर्न यूनिट में बेड की संख्या आधी रह गई है।
विज्ञापन

केजीएमयू की बर्न यूनिट में 35, बलरामपुर में 16 और सिविल अस्पताल में 25 बेड हैं। इनमें से केजीएमयू में 17, बलरामपुर में छह और सिविल में 15 मरीज भर्ती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

यानी अभी सिर्फ 38 बेड ही उपलब्ध हैं। हालांकि डॉक्टर उन मरीजों को छुट्टी देने की तैयारी में हैं जिनकी हालत में सुधार है ताकि पर्व पर कोई पटाखे से जलने का केस आए तो उसे आसानी से भर्ती किया जा सके।
बर्न के मामले में मरीजों का इलाज लंबा चलता है, इसलिए बेड की व्यवस्था होने में समय भी ज्यादा लगता है। बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी के अनुसार इमरजेंसी में भी बर्न के मरीजों की भर्ती की व्यवस्था की गई है।
सिविल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके नंदा ने बताया कि दिवाली पर जरूरत पड़ी तो इमरजेंसी में बर्न के मरीज भर्ती किए जाएंगे।
16 बेड की बर्न यूनिट, जनरल सर्जन की ड्यूटी
बलरामपुर अस्पताल में इलाज के लिए कोई भी प्लास्टिक सर्जन तैनात नहीं है। ऐसे में यहां पर जनरल सर्जन की ड्यूटी लगाई गई है। पूर्व में यहां पर दो प्लास्टिक सर्जन तैनात थे, लेकिन दोनों के रिटायरमेंट के बाद से नई भर्ती नहीं हुई।
सिविल की बर्न यूनिट में 25 बेड ही बचे
सिविल अस्पताल की बर्न यूनिट पहले प्रदेश की सबसे बड़ी बर्न यूनिट थी। यहां दो प्लास्टिक सर्जन थे और 50 बेड पर भर्ती की जा रही थी। प्रदेश के हर जिले से यहां पर बर्न के मरीज भर्ती के लिए आते थे। इस समय बर्न यूनिट के ग्राउंड फ्लोर का हिस्सा समाप्त कर यहां कोविड टीकाकरण किया जा रहा है। ऐसे में अब बर्न यूनिट में 25 बेड ही बचे हैं।

लंबे समय से भर्ती बर्न के मरीजों के डिस्चार्ज की तैयारी
दिवाली पर पटाखे व दीए से झुलसे मरीजों की वजह से बर्न यूनिट फुल हो जाती है। इसे लेकर अस्पताल के प्रभारियों ने काफी लंबे समय से भर्ती बर्न के मरीजों को डिस्चार्ज करने की तैयारी की है। सिविल अस्पताल के प्लास्टिक सर्जन डॉ. आरपी सिंह ने बताया करीब चार से पांच मरीजों के ठीक होने बाद उन्हें डिस्चार्ज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछली दिवाली में मामूली रूप से झुलसे केस आए थे, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद वापस कर दिया गया था। इक्का दुक्का केस भर्ती हुए थे, जबकि दो साल पहले मरीजों की तादाद ज्यादा थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed