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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Hajj Yatra 2026: Brothers, sisters and wives up to 65 years of age can become companions, husband and wife wil

हज यात्रा 2026: 65 वर्ष उम्र तक के भाई, बहन व पत्नी बन सकेंगे सहयोगी, एक कमरे में नहीं रहेंगे मियां-बीवी

Sun, 27 Jul 2025 09:33 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 27 Jul 2025 09:33 AM IST
सार

 Hajj Pilgrimage 2026: हज यात्रा 2026 के नियमों में कई सारे बदलाव किए गए हैं। हज पर जाने वाले बुजुर्ग कैटेगरी के यात्रियों के साथ अब 65 वर्ष की उम्र तक के भाई, बहन और पत्नी उनके सहयोगी के रूप में जा सकेंगे। 

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Hajj Yatra 2026: Brothers, sisters and wives up to 65 years of age can become companions, husband and wife wil
हज यात्रा - फोटो : पीटीआई

विस्तार

हज पर जाने वाले बुजुर्ग कैटेगरी के यात्रियों के साथ अब 65 वर्ष की उम्र तक के भाई, बहन और पत्नी उनके सहयोगी के रूप में जा सकेंगे। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने सहयोगी के तौर पर हज जाने वाले आजमीन की उम्र 60 साल से बढ़ा कर 65 वर्ष कर दी है। हालांकि सहयोगी के रूप जाने वाले अन्य रिश्तेदारों की उम्र पहले की तरह 18 से 60 वर्ष ही रहेगी।

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हज 2026 की पॉलिसी में 65 वर्ष या इससे ऊपर के बुजुर्ग हज यात्रियों के अकेले हज पर जाने पर रोक लगाई गई है। उन्हें अपने साथ एक सहयोगी ले जाना जरूरी किया गया है। सहयोगी की उम्र 18 से 60 वर्ष तय की गई थी। पत्नी की उम्र 60 वर्ष इससे कम होने पर उन्हें पति का सहयोगी मान लिया जाता, लेकिन पत्नी की उम्र 62 या 63 होने पर हज पालिसी के मुताबिक उन्हें सहयोगी नही माना गया था। राज्य हज कमेटी के सचिव एसपी तिवारी ने बताया कि नए सर्कुलर के अनुसार 65 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के यात्रियों की पत्नी, भाई और बहन जिनकी उम्र 65 वर्ष तक है, सहयोगी बन सकेंगे। उन्होंने बताया कि हज के लिए ऑनलाइन आवेदन 31 जुलाई तक किया जा सकता है।

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एक कमरे में नहीं रह सकेंगे पति-पत्नी 

सऊदी अरब में हज के दौरान पति-पत्नी एक साथ एक ही कमरे मे नही रह सकेंगे। इस बार महिला और पुरुष आजमीन को अलग-अलग कमरों में ठहराया जाएगा। सऊदी अरब सरकार ने महिला और पुरुष हज यात्रियों को एक ही कमरे में ठहराए जाने की व्यवस्था खत्म कर दी है। पुरुषों को महिला आजमीन के कमरों में जाने की भी अनुमति नही होगी।

देश भर से हर साल करीब पौने दो लाख हज यात्री सऊदी अरब रवाना होते हैं। सऊदी अरब में हज यात्रियों को ठहराने के लिए हज कमेटी ऑफ इंडिया होटल व बिल्डिंग किराए पर लेती है। कमरों के साइज के मुताबिक एक ही राज्य के महिला व पुरुष हज यात्रियों का ग्रुप बनाकर एक ही कमरों में ठहराने की व्यवस्था रहती है। हज कमेटी ऑफ इंडिया ने हज 2026 की गाइडलाइन जारी कर बताया है कि सऊदी अरब सरकार ने महिला और पुरुष हज यात्रियों को एक साथ एक ही कमरे में ठहराने की व्यवस्था खत्म कर दी है। सऊदी सरकार के नियम के मुताबिक पुरुष आजमीन को महिला आजमीन के कमरों में प्रवेश की भी अनुमति नहीं मिलेगी।

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करीबी रिश्तेदारों को मिलेंगे अगल-बगल के कमरें

राज्य हज कमेटी के सचिव एसपी तिवारी ने बताया कि गाइडलाइन के मुताबिक एक शहर के हज यात्रियों को एक ही इमारत में ठहराए जाने को प्राथमिकता दी जाएगी। पति-पत्नी और करीबी रिश्तेदारों का कमरा अगल-बगल रखे जाने की बात कही गई है ताकि जरुरत पड़ने पर एक दूसरे की मदद हो सके। उन्होंने बताया कि बगैर महरम कैटेगरी में जाने वाली महिलाएं एक साथ ठहराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से कई व्यवहारिक समस्याओं को देखते हुए हज कमेटी ऑफ इंडिया को पत्र भेजा जाएगा। हालांकि अंतिम निर्णय सऊदी अरब सरकार को ही लेना है।

 

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