सिर्फ सात विधायक ही जिता पाए कांग्रेस के 560 पदाधिकारी: आजाद ने कांग्रेसियों को बताई सच्चाई
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कांग्रेस के मंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन में एआईसीसी के महासचिव और यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने पार्टी की मौजूदा हालत पर बेहद अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि यूपी में 560 प्रदेश पदाधिकारियों की भारी-भरकम फौज भी सिर्फ 7 एमएलए ही जिता सकी। यह वैसा ही है जैसे किसी घर में एक से ज्यादा बिल्लियां होने पर वे चूहों को नहीं मारतीं। पूरी ऊर्जा आपस में लड़ने में ही खर्च कर देती हैं।
आजाद ने कहा कि कांग्रेस का परिवार लगातार छोटा होता जा रहा है। ऐसे भी नेता हैं जो अपने जिलों में 4 वोट नहीं दिलवा पाते, पर कुर्सी से चिपके हुए हैं। अगर कांग्रेस को आगे बढ़ाना है तो इस स्थिति को बदलना पड़ेगा।
सम्मेलन में नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायत के जीते एवं हारे हुए प्रत्याशियों के साथ-साथ जिला व शहर कमेटी के पदाधिकारी बुलाए गए थे। अपेक्षित उपस्थिति न होने पर आजाद ने कहा कि पश्चिमी यूपी के सम्मेलन लखनऊ के मुकाबले ज्यादा सफल रहे। वहां महिलाओं और लड़कियों ने मुखर होकर अपनी बात रखी।
सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, पीएल पुनिया, डॉ. संजय सिंह, पूर्व मंत्री डॉ. अम्मार रिजवी, एमएलसी दीपक सिंह, विधायक आराधना मिश्रा, राकेश सिंह, मसूद अख्तर भी मौजूद रहे।
कार्यकर्ताओं ने भी नेतृत्व को सुनाई खरी-खरी
कार्यकर्ताओं ने निकाय चुनाव में टिकट वितरण में गड़बड़ियों का आरोप लगाया। कहा, नेता चापलूसों से घिर जाते हैं, निष्ठावान कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनते। हरदोई के आफताब हैदर ने कहा कि जिन्होंने गलत टिकट बांटे, उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
लखनऊ के युवा नेता शैलेंद्र तिवारी ने कहा कि प्रत्येक नेता के काम की निगरानी जरूरी है, जो कांग्रेस में नहीं होती। नतीजतन, चुनाव में अपेक्षित परिणाम भी नहीं मिल पाते। हरदोई की ही सुनीता देवी ने बाहरी लोगों को टिकट देने पर आपत्ति जताई।
महिला सभासदों की जगह आए उनके पति
सम्मेलन में महिला सभासदों के स्थान पर उनके पति आए। वे अपनी बात रखना चाहते थे, पर नेतृत्व ने मना करते हुए कहा कि इससे गलत संदेश जाएगा।