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अरबों खर्च फिर भी नहीं बने शौचालय

Fri, 26 Sep 2014 03:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 26 Sep 2014 03:13 PM IST
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ground reality of serv siksha abiyan in up.

सर्व शिक्षा अभियान से अरबों रुपये मिलने के बाद भी परिषदीय स्कूलों का बुरा हाल है। छात्र-छात्राओं के लिए या तो अलग-अलग शौचालय नहीं हैं या फिर बने हैं तो कुछ में ताले लगे हुए हैं।

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प्रदेश के 3,318 स्कूलों में तो पैसे दिए जाने के बाद भी शौचालय नहीं बने हैं। इनमें छात्रों के 2047 और छात्राओं के 1271 शौचालय बनाए जाने बाकी हैं।

यह जानकारी सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशालय को मिली है। निदेशालय ने ऐतराज जताते हुए शौचालयों को खोलने व शेष का निर्माण जल्द कराने का निर्देश दिया है।
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत केंद्र सरकार हर साल राज्य को पैसे देती है। इसमें स्कूल भवन से लेकर शौचालय व बाउंड्रीवाल तक बनवाना होता है।

परिषदीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनवाने के लिए पैसे दिए जाते हैं। शिकायत तो यह भी है कि शिक्षक एक शौचालय में ताला लगवा देते हैं और इसका इस्तेमाल स्वयं करते हैं।
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गांधी जयंती पर एक साथ शिलान्यास
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर शौचालय विहीन स्कूलों में इसका निर्माण जल्द शुरू कराने को कहा है।

सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता पत्र मिलने की पुष्टि करते हुए कहते हैं कि बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जिन स्कूलों में शौचालय नहीं हैं, वहां गांधी जयंती पर 2 अक्तूबर को एक साथ इनका निर्माण शुरू कराया जाए। शौचालय केंद्र सरकार के मानक के अनुसार ही बनाए जाएंगे।

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