मदरसों पर योगी सरकार का एक और एक्शन, 79 का अनुदान खत्म करने का दिया आदेश
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यूपी के 79 अनुदानित मदरसों का अनुदान खत्म हो सकता है। 560 अनुदानित मदरसों की स्थलीय जांच के दौरान इन मदरसों में खामियां पाई गई हैं। इन मदरसों के दस्तावेजों के परीक्षण के लिए तीन अफसरों की कमेटी बनाई गई है।
प्रदेश भर के 16,461 मदरसों ने शिक्षक, शिक्षणेतर कर्मचारियों और छात्रों के विवरण के अलावा भवन की फोटो और कक्षों की माप सहित अन्य विवरण मदरसा बोर्ड के वेब पोर्टल पर अपलोड किया था। तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक ने अक्तूबर में चार अफसरों की अलग-अलग टीमें गठित कर उन्हें मंडलवार मदरसों के डाटा की जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी।
अफसरों ने लखनऊ, मुरादाबाद, बरेली, इलाहाबाद, बस्ती, मेरठ, आजमगढ़, देवीपाटन, फैजाबाद, कानपुर, झांसी, आगरा, मिर्जापुर, सहारनपुर, अलीगढ़, बांदा, गोरखपुर, वाराणसी, चंदौली, जौनपुर मंडलों मे सरकार से अनुदानित 560 मदरसों की स्थलीय जांच की। इसमें 79 मदरसों के मानकों मे खामियां पाई गईं। इनमें 35 से 40 मदरसे ऐसे हैं, जिनका निर्माण ग्राम समाज की जमीन पर किया गया है।
ये हैं इस समिति के सदस्य
मानकों पर खरे न उतरने वाले मदरसों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच के लिए अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक एसएन पांडेय ने तीन अफसरों की समिति गठित की है। इसमें अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक आरपी सिंह, वित्त लेखाधिकारी विनय कुमार श्रीवास्तव और मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता को शामिल किया गया है।
ग्राम समाज की जमीन पर मदरसों का निर्माण किस आधार पर किया गया है, इसका भी परीक्षण किया जाएगा। दस्तावेजों के परीक्षण के लिए कमेटी को अधिकतम एक माह का समय दिया गया है। परीक्षण के बाद कमेटी की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।