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कादिर राणा से केस वापस लेगी प्रदेश सरकार

Mon, 06 Jan 2014 08:40 AM IST
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला ब्यूरो
राजेंद्र सिंह/अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 06 Jan 2014 08:40 AM IST
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govt withdraw case against qadir rana

प्रदेश सरकार मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी बसपा सांसद कादिर राणा समेत अन्य मुस्लिम नेताओं से केस वापस लेने की तैयारी कर रही है। इन पर भड़काऊ भाषण देकर सांप्रदायिक वैमनस्य भड़काने समेत कई आरोप है।

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न्याय विभाग ने इस संबंध में मुजफ्फरनगर के डीएम से रिपोर्ट मांगी है। मुजफ्फरनगर में सात और आठ सितंबर को सांप्रदायिक दंगा हुआ था।

इससे पहले हिंदू और मुसलमानों की अलग-अलग पंचायतें हुईं थी। ऐसी ही एक पंचायत मुजफ्फरनगर के खालापार में 30 अगस्त को हुई थी।

इसमें बसपा सांसद कादिर राणा, कांग्रेस नेता एवं पूर्व सांसद सइदुज्जमा, बसपा विधायक जमील अहमद और नूर सलीम राणा और कांग्रेस नेता सलमान सईद आदि के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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इन सभी पर भड़काऊ भाषण देने समेत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में सभी आरोपियों को जमानत मिल चुकी है।

विशेष सचिव न्याय रंगनाथ पांडे ने 20 दिसंबर को मुजफ्फरनगर के डीएम को पत्र भेजकर मुकदमा अपराध संख्या 1114/2013, राज्य सरकार बनाम कादिर राणा आदि में आरोपियों से केस वापस लेने के संबंध में 13 बिंदुओं पर आख्या मांगी है।
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हालांकि न्याय विभाग के एक अधिकारी ने मुकदमा वापसी कोसामान्य प्रक्रिया बताया। कहा कि जो भी मुकदमा वापसी के लिए आवेदन करता है उस पर संबंधित जिले के कलेक्टर से 13 बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी जाती है। इस मामले भी यही प्रक्रिया अपनाई गई है।

आरोपियों पर इन धाराओं में केस
आईपीसी188: निषेधाज्ञा का उल्लंघन, 153 ए: भड़काऊ भाषण देकर दो संप्रदायों में वैमनस्य फैलाना, 353: सरकारी कर्मियों को चोट पहुंचाना, कामकाज में बाधा डालना, 341: जबरन रास्ता रोकना।

इन बिंदुओं पर मांगी है रिपोर्ट
अपराध की धाराएं, किस कोट में केस लंबित है, मुकदमें में अभियुक्तों के नाम, विवेचना के दौरान बरामदगी का विवरण, केस की वर्तमान स्थिति, केस डायरी के साक्ष्य के मुताबिक अभियोजन की सफलता या नाकामी की संभावना केस वापसी के संबंध में अभियोजन अधिकारी एवं लोक अभियोजक का स्पष्ट मत, वाद वापसी पर पुलिस अधीक्षक की स्पष्ट आख्या और केस वापसी के संबंध में जनहित के दृष्टिगत डीएम का कारण सहित स्पष्ट मत।


दंगा पीड़ितों को इंसाफ देने की हर संभव कोशिश
सरकार मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों को राहत देने की पूरी कोशिश कर रही है। सपा ने अपने घोषणापत्र में बेकसूर मुस्लिम नौजवानों पर आतंकवाद या अन्य आरोपों में दर्ज कराए गए झूठे केस वापस लेने का वादा किया था।

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