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लखनऊ की बटलर पैलेस व हलवासिया मार्केट समेत 125 संपत्तियां अब सरकार की

Wed, 15 Mar 2017 03:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 15 Mar 2017 03:52 PM IST
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govt occupied 125 properties of Lucknow.
हलवासिया मार्केट - फोटो : amar ujala

पाकिस्तान और चीन में पलायन कर गए लोग अब भारत में छोड़ी गई सम्प‌ित्ति पर उत्तराधिकार का दावा नहीं कर सकेंगे। अब इन सम्पत्तियों पर मालिकाना हक सरकार का होगा।

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शत्रु संपत्ति संशोधन विधेयक को मंगलवार को लोकसभा की भी मंजूरी मिल गई। राज्यसभा इसे पहले ही पास कर चुकी है। अब सिर्फ राष्ट्रपति की मंजूरी बाकी है।

पूरे देश में 2168 शत्रु संपत्तियां दर्ज हैं जिनमें से अकेले 1468 यूपी में हैं। लखनऊ में राजा महमूदाबाद से जुड़ा बटलर पैलेस, हलवासिया कोर्ट, लॉरी बिल्डिंग, महमूदाबाद मेंशन, पुराना एसएसपी कार्यालय भवन, कैसरबाग हाता, गोलागंज स्थित लाल कोठी व सिद्दीकी बिल्डिंग समेत 125 शत्रु संपत्तियां हैं जो अब सरकार हो जाएंगी।
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राजा महमूदाबाद की जमीन का हवाला देते हुए गृहमंत्री ने कहा क‌ि महमूदाबाद के पुरखे राजा मो. अमीर अहमद को जमीन अंग्रेजों के जरिए तालुकेदारी संपत्ति के रूप में मिली थी। राजा महमूदाबाद अब भी जमीन के नॉन ऑकुपेंसी टिनेंट हैं।

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ये होती है तालुकेदार संपत्ति

govt occupied 125 properties of Lucknow.
बटलर पैलेस - फोटो : amar ujala

तालुकेदार संपत्ति वह सम्पत्ति है जो कि अंग्रेजों के जरिए स्वतंत्रता संग्राम के विरोधियों को दी गई थी। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने 1857 में कुछ लोगों को स्वतंत्रतता संग्राम को कुचलने के काम में लगाया था। बाद में उन लोगों को तालुकेदारी के तहत भारी मात्रा में भूसंपत्ति प्रदान की गई।

शत्रु संपत्ति संशोधन विधेयक 2016 की वकालत करते हुए राजनाथ ‌‌सिंह ने कहा कि इससे एक लाख करोड़ रूपये से ज्यादा की संपत्ति की रक्षा हो सकेगी।

संपत्तियों के स्वामित्व का मामला सुप्रीमकोर्ट में दायर याचिका के आधार पर लंबित है। इसलिए इस विषय पर कुछ भी बोलना उचित नहीं होगा।

वैसे केंद्र सरकार द्वारा सभी तरह के लोगों को एक ही कानून के दायरे में लाना अन्याय व पक्षपातपूर्ण कार्य है। यह एक नाइंसाफी है जिस पर अब कोर्ट से न्याय मिलने की उम्मीद टिकी है। न्यायपालिका की निष्पक्षता पर पूरा भरोसा है।

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