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कैबिनेट का फैसला: प्रदेश के तीन शक्तिपीठों में होने वाले मेलों का खर्च उठाएगी सरकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 10 Oct 2018 08:23 PM IST
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नैमिष
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नैमिषारण्य के मां ललिता देवी, बलरामपुर के मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ और मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी शक्तिपीठ मेला का खर्च अब राज्य सरकार उठाएगी। इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। मेले का प्रबंधन संबंधित जिलों के डीएम के हाथों में रहेगा।
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प्रदेश सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि सीतापुर के जिलाधिकारी ने मां ललिता देवी शक्तिपीठ अमावस्या मेला, नैमिषारण्य के प्रांतीयकरण का प्रस्ताव उपलब्ध कराया था। अभी इस मेले का आयोजन नगरपालिका परिषद, मिश्रिख करती है।
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मेले के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसके प्रांतीयकरण की घोषणा की थी। मेले का प्रांतीयकरण होने के बाद इस पर होने वाला 60 लाख रुपये का खर्च शासन वहन करेगा।
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इसी तरह मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ, देवीपाटन तुलसीपुर मेला, जिला बलरामपुर और मां विंध्यवासिनी शक्तिपीठ मेला, मिर्जापुर के प्रांतीयकरण के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई है। मां पाटेश्वरी देवी शक्तिपीठ मेले के आयोजन पर प्रतिवर्ष 48.44 लाख और मां विंध्यवासिनी शक्तिपीठ मेला करीब 41.49 लाख रुपये का खर्च शासन उठाएगा।
अभी मां विंध्यवासिनी शक्तिपीठ मेले का संचालन विंध्य विकास परिषद और 9 कार्यदायी विभागों द्वारा किया जाता है। वहीं, पाटेश्वरी शक्तिपीठ मेले का संचालन जिला प्रशासन करता है। अधिसूचना जारी होने के बाद इन दोनों मेलों का भी प्रबंधन संबंधित जिलाधिकारियों के हाथों में पहुंच जाएगा। अधिसूचना जारी करने के प्रस्तावों को कैबिनेट ने अनुमोदित कर दिया।
स्थानीय निधि लेखा का वार्षिक प्रतिवेदन सदन में रखे जाने को मंजूरी
स्थानीय निधि लेखा परीक्षा विभाग का वर्ष 2016-17 का वार्षिक प्रतिवेदन सदन के पटल पर रखे जाने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि स्थानीय निधि लेखा परीक्षा अधिनियम-1984 के तहत प्रदेश के स्थानीय निकायों और अनुदानित संस्थाओंकी लेखा परीक्षा यह विभाग करता है। इसमें विभाग के ऑडिट की आपत्तियां शामिल हैं। विभाग ने ‘वार्षिक लेखा परीक्षा प्रतिवेदन’ वर्ष 2016-17 तैयार किया है।