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वेतन समिति की संस्तुतियों पर काम शुरू, बढ़ेगी 16 लाख कर्मचारियों की सैलरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 24 Apr 2018 02:05 AM IST
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प्रदेश सरकार ने राज्य वेतन समिति की संस्तुतियों का अध्ययन शुरू कर दिया है। सरकार पहले भत्तों पर निर्णय करने की तैयारी कर रही है ताकि प्रदेश के 16 लाख कर्मचारियों और शिक्षकों को इसका लाभ जल्द से जल्द दिया जा सके।
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अवकाश प्राप्त आईएएस अधिकारी वृंदा सरूप की अध्यक्षता वाली राज्य वेतन समिति ने फरवरी के आखिरी सप्ताह में सरकार को अपनी फाइनल संस्तुतियां सौंपी थीं।
समिति ने मकान किराया भत्ता, अवकाश यात्रा, नियत यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता, नगर प्रतिकर भत्ता, वाहन भत्ता, ड्रेस कोड भत्ता, विशेष भत्ता, प्रैक्टिस बंदी जैसे सभी भत्तों के पुनरीक्षण के अलावा विभिन्न संवर्गों के कर्मियों की वेतन विसंगतियों से जुड़ी मांगों पर विचार किया है।
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सूत्रों का कहना है कि समिति ने सभी प्रमुख भत्तों में वृद्धि की सिफारिश की है, लेकिन कई भत्तों को अप्रासंगिक, अव्यावहारिक व अतार्किक मानते हुए उन्हें खत्म करने की भी संस्तुति की है। समिति की संस्तुतियां अब तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं।
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सचिवालय व राज्य कर्मचारियों से जुड़े संगठन मुख्य सचिव राजीव कुमार से मिलकर समिति की संस्तुतियां सार्वजनिक करने की मांग करते आ रहे हैं। भत्तों पर निर्णय में देरी से कर्मचारियों की नाराजगी बढ़ रही है।
इस बीच शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वित्त आयुक्त एवं प्रमुख सचिव वित्त संजीव मित्तल ने समिति की संस्तुतियों पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है। इसमें संस्तुतियों पर निर्णय से जुड़ी प्रक्रिया में शामिल सचिव, विशेष सचिव व संयुक्त सचिव वित्त शामिल किए गए हैं।
पहले दौर में मकान किराया भत्ता, यात्रा भत्ता व नॉन प्रैक्टिस एलाउंस जैसे भत्तों पर चर्चा हुई है। संस्तुतियों के अध्ययन के बाद वित्त विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहमति लेकर भत्तों पर निर्णय के लिए इन्हें कैबिनेट की बैठक में रखने की कार्यवाही करेगा। विभागों की वेतन विसंगतियों से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय भत्तों के बाद कराए जाने की संभावना है।