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Lucknow News: सरकारी दावे और निगरानी दस्ता फेल, गेहूं खरीद धड़ाम

Thu, 09 May 2024 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Thu, 09 May 2024 12:37 AM IST
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Government claims and monitoring squad failed, wheat procurement in full swing
रायबरेली। गेहूं की खरीद को लेकर प्रशासन ने दावे किए तो साथ ही निगरानी दस्ता भी बनाया गया। इसके बाद भी आढ़ती, मिलर्स और गेहूं व्यापारियों तक किसानों का गेहूं पहुंच रहा है। इसी का नतीजा है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर अभी तक मजह चार फीसदी खरीद हुई है। यही हाल रहा तो इस बार दस फीसदी गेहूं की खरीद बहुत बड़ी चुनौती होगी।
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गेहूं खरीद को लेकर जिले में 123 क्रय केंद्र बनाए गए जो पिछले साल की तुलना में तीन गुना अधिक हैं। वहीं गेहूं खरीद का लक्ष्य 1.52 लाख एमटी (मीट्रिक टन) है। अभी तक केवल 5422.37 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो सकी है। सरकारी केंद्रों पर शासन के निर्देश पर इस बार एक मार्च से खरीद शुरू हो गई थी। इस दौरान व्यवस्था सही से नहीं हो सकी और एक अप्रैल से जिले में ठीक से खरीद शुरू हुई लेकिन पहले 20 दिन में महज तीन हजार किसानों ने पंजीकरण कराया।
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इसके बाद डीएम हर्षिता माथुर ने आढ़त, बाजार और मिलर्स पर नजर रखने के लिए निगरानी दस्ते के गठन का निर्देश दिया तो पंजीकरण बढ़कर 22 हजार हो गया लेकिन खरीद नहीं बढ़ी। किसानों ने सरकारी वेबसाइट पर पंजीकरण तो कराया लेकिन गेहूं नहीं बेंचा। निगरानी दस्ता गांव-गांव सर्वे करने और आढ़तियों, व्यापारियों तथा मिलर्स पर पैनी नजर नहीं रखा सका।
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नतीजा सामने है कि मई शुरू हो चुकी है और अभी तक खरीद लक्ष्य का 4.25 प्रतिशत ही हो सकी है। असल में बाजार में जमकर खेल हुआ और विपणन विभाग केवल निगरानी दस्ते के भरोसे रहा। किसानों को खेत पर ही एडवांस रुपया देकर गेहूं की खरीद कर ली गई। किसानों ने भी तुरंत पैसा मिलने के चक्कर में खेत पर ही गेहूं की बिक्री का सौदा कर लिया।
पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर सबसे ज्यादा मनमानी
गेहूं खरीद के लिए सबसे ज्यादा क्रय केंद्र पीसीएफ के खोले गए हैं। पीसीएफ के क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद में सबसे ज्यादा मनमानी हो रही है। इसको लेकर पीसीएफ के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि लापरवाही बरते जाने की वजह से गेहूं खरीद में तेजी नहीं आ रही है।

6आर/9आर प्रपत्र में भी घपला
मिलर्स ने भी खेल में बड़ी भूमिका निभाई है। 6आर/9आर प्रपत्र भरे बिना ही गेहूं स्टॉक में रख लिया गया। मंगलवार को डिप्टी आरएमओ ने कई मिलर्स का निरीक्षण किया तो वहां पर यह खामी मिली थी। जिस पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। सवाल यह है कि विपणन विभाग अभी तक क्या कर रहा था। उसकी तैयारी और निगरानी दोनों नाकाम रहे हैं।


गेहूं की खरीद को लेकर केंद्र प्रभारियों के चेतावनी दी गई है तथा इसके साथ ही लक्ष्य से खरीद कम होने पर प्रभारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। हर दिन खरीद की रिपोर्ट मांगी जा रही है तो साथ ही कितने किसानों से मुलाकात की गई, उसका डाटा भी मांगा गया है।
सोनी गुप्ता, डिप्टी आरएमओ
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