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पूर्व मुख्यमंत्री ही नहीं ऐरे-गैरे भी जमाए बैठे हैं सरकारी बंगलों पर कब्जा

Tue, 22 May 2018 12:34 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 22 May 2018 12:34 PM IST
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government bangalow issued to private trust in up
बंगले - फोटो : amar ujala

राजधानी में सरकारी बंगलों पर तमाम रसूखदारों ने कब्जा जमा रखा है। इनमें बड़ी संख्या में सियासी दलों के दिग्गज हैं। इन बंगलों के आवंटन के लिए जो लोग अधिकृत नहीं हैं, वे किसी ट्रस्ट या संस्था की आड़ में अपना कब्जा जमाये हुए हैं।

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पूर्व मुख्यमंत्रियों से बंगला खाली कराने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद माना जा रहा है कि देर-सबेर तिकड़म से बड़े-बड़े बंगलों में रह रहे अन्य लोगों को भी इन्हें छोड़ना पड़ सकता है। नाममात्र किराये पर आवंटित इन बंगलों की साज-सज्जा पर राज्य संपत्ति विभाग हर साल करोड़ों रुपये खर्च करता है।

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एक दर्जन ट्रस्टों के नाम है पॉश इलाके की कोठियां

government bangalow issued to private trust in up
बंगले - फोटो : amar ujala

ट्रस्ट व सोसायटीज के नाम पर पहले 300 से ज्यादा संपत्तियां आवंटित थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के अगस्त 2016 के आदेश के बाद अधिकतर को खाली करा लिया गया। अब भी पूर्व मुख्यमंत्रियों में वीर बहादुर सिंह व हेमवती नंदन बहुगुणा के नाम पर बने ट्रस्टों को पॉश इलाके में बंगले आवंटित है।

वीर बहादुर सिंह जन संस्थान का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। राज नारायण ट्रस्ट के नाम पर माल एवेन्यू, लोहिया ट्रस्ट के नाम विक्रमादित्य मार्ग, जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के नाम पर बंदरिया बाग और महातम राय ट्रस्ट के नाम पर भी माल एवेन्यू में बंगला आवंटित है।

इसी तरह कई अन्य नेताओं ने भी ट्रस्ट बनाकर सरकारी बंगले कब्जे में कर रखे हैं। वहीं, मान्यवर कांशीराम स्मारक विश्राम स्थल ट्रस्ट के नाम 13 माल एवेन्यू में 4000 वर्गमीटर जमीन आवंटित है।

कई संस्थाओं के भी अवैध कब्जे

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बंगले - फोटो : amar ujala

राज्य संपत्ति विभाग ने एक आरटीआई पर जानकारी दी थी कि विभिन्न सरकारी कालोनियों में 89 गैर सरकारी संस्थाओं, संघों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गैर सरकारी व्यक्तियों को आवंटित 89 आवासों में 27 पर पूर्व आवंटी का अनाधिकृत कब्जा है।

इनमें मुख्य रूप से कर्मचारी संयुक्त परिषद, कायस्थ महासभा, पत्रकार यूनियन,  युवा उद्योग व्यापार मंडल, जर्नलिस्ट एसोसिएशन, माध्यमिक शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट, माइनॉरिटी फोरम, गौड़ महासभा, संसदीय संस्थान, शोषित दल, कैफी आजमी एकेडमी शामिल हैं। राज्य संपत्ति विभाग ने कई संस्थाओं से कब्जे छुड़ा लिए हैं। 

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