अफसरों के तैनाती स्थल पर न रुकने से मुख्यमंत्री नाराज, डीएम व कमिश्नर से मांगा गया जवाब
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तहसील और ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के तैनाती स्थान पर निवास न करने की सूचनाओं पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त नाराजगी के बाद राजस्व परिषद के चेयरमैन ने मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों से रिपोर्ट तलब कर ली है। इन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो कर्मी तैनाती स्थल पर निवास नहीं कर रहे हैं उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छह दिसंबर को मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई थी कि उनके निर्देश के बावजूद तहसील व ब्लाक स्तरीय अधिकारी अपनी तैनाती स्थल पर निवास न कर जिला मुख्यालय से आते-जाते हैं।
योगी ने ऐसे अधिकारियों में उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी, सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्साधिकारी का नाम से उल्लेख किया था। मुख्यमंत्री ने ऐसे अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उसकी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने आम लोगों से मिल रहे फीडबैक के आधार पर ये निर्देश दिए। इसके बाद मुख्य सचिव ने राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से ऐसे अफसरों के खिलाफ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी।
मंडलायुक्तों व उपजिलाधिकारियों को लिखा पत्र
सोमवार को राजस्व परिषद के चेयरमैन प्रवीर कुमार ने प्रदेश के समस्त मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री की नाराजगी का हवाला देकर काफी कड़ा पत्र लिखा। उन्होंने इन अफसरों से तीन दिन में यह प्रमाणपत्र देने को कहा है कि उनके अधीनस्थ समस्त एसडीएम व तहसीलदार नियमित रूप से अपने मुख्यालय पर ही निवास करते हैं।
चेयरमैन ने इन अधिकारियों का निवास संबंधी पता व टेलीफोन नंबर भी मांगा है। उन्होंने मंडलायुक्तों व जिलाधिकारियों को आगाह किया है कि इस व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए वे व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।