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लखनऊ : सोना तस्करी करने वाले दो गिरफ्तार, 96 लाख रुपये बरामद
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लखनऊ। दिल्ली से सोना तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश क्राइम ब्रांच व चौक पुलिस ने किया है। इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। दोनों मंगलवार को चौक सराफा बाजार में सोना सप्लाई करने के बाद नकदी लेकर वापस जा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 96 लाख रुपये व एक कार बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में एक सराफा कारोबारी और मुख्य तस्कर की तलाश की जा रही है।
प्रभारी निरीक्षक चौक विश्वजीत सिंह ने बताया, क्राइम ब्रांच के एसआई रणविजय सिंह, दिलीप मिश्रा, चौकी प्रभारी चौक विजय पाल की टीम ने लोहिया पार्क के पास दो लोगों को दबोचा। पकड़े गए लोगों में शाहजहांपुर के रोशनगंज का सुभाष कश्यप और नई दिल्ली सादतपुर गली नंबर 53 का चंद्रकांत गुप्ता शामिल हैं। पुलिस ने दोनों के पास से एक आई-20 कार और 96 लाख रुपये बरामद किए। पूछताछ में सामने आया कि दोनों चौक केसराफा बाजार में एक कारोबारी को सोना तस्करी कर पहुंचाने आए थे। सोने की आपूर्ति कर दी थी। कुछ नकदी बाकी थी जिसे लेने केलिए वह सराफा कारोबारी के पास जा रहे थे। वहां हिसाब करने के बाद दिल्ली निकल जाते। पुलिस के मुताबिक, चंद्रकांत 10वीं पास है तो वहीं सुभाष 8वीं पास है। दोनों मिलकर सोना तस्करी कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे थे।
करोड़ों की तस्करी का सोना पहुंचाते थे चौक
पूछताछ में सामने आया है कि दोनों दिल्ली से सस्ते दाम पर सोना लेकर चौक के कारोबारियों को उपलब्ध कराते थे। दोनों सप्ताह में दो दिन करोड़ों रुपये का सोना लेकर लखनऊ आते थे। चिह्नित सराफा कारोबारियों को सोना उपलब्ध कराने के बाद उनसे रकम लेकर वापस चले जाते। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने बताया कि सोमवार को वह लखनऊ सोना लेकर पहुंचे थे। जिसे बालाजी शक्ति ज्वेलर्स में पहुंचाया। शक्ति ज्वेलर्स के मालिक मोनी अग्रवाल को सस्ते दाम पर सोना देते थे। सोमवार को उन्होंने सोना मोनी अग्रवाल को पहुंचाया। इसके बाद मोनी ने दोनों को सोने की कीमत का कुछ हिस्सा तत्काल 96 लाख रुपये दे दिया। इसकेबाद दोनों को बाकी रकम लेने के लिए बुलाया। मंगलवार को दोनों रकम लेने जा रहे थे। इसी बीच पुलिस ने पकड़ लिया। दोनों ने बताया कि सराफा बाजार में कई दुकानदारों को वह सोना उपलब्ध कराते थे।
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दुकान बंद कर सराफा कारोबारी फरार
दोनों सोना तस्करों के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही सराफा कारोबारी बालाजी शक्ति ज्वेलर्स का मालिक मोनी अग्रवाल दुकान बंद कर भाग गया। उसकी तलाश में पहुंची पुलिस को दुकान बंद मिली। पता चला कि वह कुछ देर पहले यहां से निकल गया है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मोनी अग्रवाल का मोबाइल बंद आ रहा है। उसके परिवारीजनों से पुलिस पूछताछ करने में जुटी है।
चंद्रकात का बहनोई देता था सोना
पुलिस के मुताबिक, इस सोना तस्करी गिरोह के दो सदस्यों की तलाश पुलिस कर रही है। इसमें सराफा कारोबारी मोनी अग्रवाल और दूसरा दिल्ली में सोना उपलब्ध कराने वाला तस्कर प्रशांत है। दिल्ली का तस्कर प्रशांत पुलिस गिरफ्त में आए चंद्रकांत का बहनोई है। वह दिल्ली में चोरी व तस्करी का सोना चंद्रकांत को देता था। चंद्रकांत अपने सहयोगी सुभाष के साथ लखनऊ के चौक बाजार में इसे पहुंचाता था। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के नेटवर्क में कई और लोगों के शामिल होने की सूचना है। नेटवर्क खंगाले में पुलिस टीम जुट गई है। जल्द ही इस कारोबार को लखनऊ में फैलाने वालों का खुलासा हो जाएगा।
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प्रभारी निरीक्षक चौक विश्वजीत सिंह ने बताया, क्राइम ब्रांच के एसआई रणविजय सिंह, दिलीप मिश्रा, चौकी प्रभारी चौक विजय पाल की टीम ने लोहिया पार्क के पास दो लोगों को दबोचा। पकड़े गए लोगों में शाहजहांपुर के रोशनगंज का सुभाष कश्यप और नई दिल्ली सादतपुर गली नंबर 53 का चंद्रकांत गुप्ता शामिल हैं। पुलिस ने दोनों के पास से एक आई-20 कार और 96 लाख रुपये बरामद किए। पूछताछ में सामने आया कि दोनों चौक केसराफा बाजार में एक कारोबारी को सोना तस्करी कर पहुंचाने आए थे। सोने की आपूर्ति कर दी थी। कुछ नकदी बाकी थी जिसे लेने केलिए वह सराफा कारोबारी के पास जा रहे थे। वहां हिसाब करने के बाद दिल्ली निकल जाते। पुलिस के मुताबिक, चंद्रकांत 10वीं पास है तो वहीं सुभाष 8वीं पास है। दोनों मिलकर सोना तस्करी कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे थे।
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करोड़ों की तस्करी का सोना पहुंचाते थे चौक
पूछताछ में सामने आया है कि दोनों दिल्ली से सस्ते दाम पर सोना लेकर चौक के कारोबारियों को उपलब्ध कराते थे। दोनों सप्ताह में दो दिन करोड़ों रुपये का सोना लेकर लखनऊ आते थे। चिह्नित सराफा कारोबारियों को सोना उपलब्ध कराने के बाद उनसे रकम लेकर वापस चले जाते। पुलिस की पूछताछ में दोनों ने बताया कि सोमवार को वह लखनऊ सोना लेकर पहुंचे थे। जिसे बालाजी शक्ति ज्वेलर्स में पहुंचाया। शक्ति ज्वेलर्स के मालिक मोनी अग्रवाल को सस्ते दाम पर सोना देते थे। सोमवार को उन्होंने सोना मोनी अग्रवाल को पहुंचाया। इसके बाद मोनी ने दोनों को सोने की कीमत का कुछ हिस्सा तत्काल 96 लाख रुपये दे दिया। इसकेबाद दोनों को बाकी रकम लेने के लिए बुलाया। मंगलवार को दोनों रकम लेने जा रहे थे। इसी बीच पुलिस ने पकड़ लिया। दोनों ने बताया कि सराफा बाजार में कई दुकानदारों को वह सोना उपलब्ध कराते थे।
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दुकान बंद कर सराफा कारोबारी फरार
दोनों सोना तस्करों के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही सराफा कारोबारी बालाजी शक्ति ज्वेलर्स का मालिक मोनी अग्रवाल दुकान बंद कर भाग गया। उसकी तलाश में पहुंची पुलिस को दुकान बंद मिली। पता चला कि वह कुछ देर पहले यहां से निकल गया है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मोनी अग्रवाल का मोबाइल बंद आ रहा है। उसके परिवारीजनों से पुलिस पूछताछ करने में जुटी है।
चंद्रकात का बहनोई देता था सोना
पुलिस के मुताबिक, इस सोना तस्करी गिरोह के दो सदस्यों की तलाश पुलिस कर रही है। इसमें सराफा कारोबारी मोनी अग्रवाल और दूसरा दिल्ली में सोना उपलब्ध कराने वाला तस्कर प्रशांत है। दिल्ली का तस्कर प्रशांत पुलिस गिरफ्त में आए चंद्रकांत का बहनोई है। वह दिल्ली में चोरी व तस्करी का सोना चंद्रकांत को देता था। चंद्रकांत अपने सहयोगी सुभाष के साथ लखनऊ के चौक बाजार में इसे पहुंचाता था। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के नेटवर्क में कई और लोगों के शामिल होने की सूचना है। नेटवर्क खंगाले में पुलिस टीम जुट गई है। जल्द ही इस कारोबार को लखनऊ में फैलाने वालों का खुलासा हो जाएगा।